अमर शहीदों का पुनीत- स्मरण
पुण्य पर्व यों मना लें, भावनाओं में सजा लें,
दीप यादों के जला लें, हर गली – द्वार पर।
सिर श्रद्धा से झुका लें, ध्यान कुछ तो लगा लें,
फूल पूजा के चढ़ा लें, लाडलों के प्यार पर।
प्रेरणा पुनीत पा लें, वे कथाएँ दुहरा लें,
देशभक्ति गीत गा लें, साँसों के सितार पर।
फर्ज़ अपना निभा लें, कर्ज़ कुछ तो चुका लें,
चार आँसू ही गिरा लें, उनकी मज़ार पर।
- कमल किशोर ‘ भावुक







