भारत में इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए इंडिया इनोवेशन चैलेंज डिजाइन कॉन्टेस्ट (आईआईसीडीसी) आयोजित करने के लिए टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया, एआईसीटीई, डीएसटी और आईआईएम-बेंगलुरु ने गठबंधन किया
बेंगलुरु, 26 जुलाई, 2019: टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया (टीआई इंडिया), वैधानिक निकाय और भारत में टेक्निकल एजुकेशन के लिए राष्ट्रीय-स्तर की परिषद ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई), विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बेंगलुरु (आईआईएमबी) ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स में इनोवेशन के माहौल को मजबूती देने, छात्रों की क्षमताओं को निखारने और उनमें स्टार्टअप की संस्कृति शुरू करने के लिए गठबंधन किया। इसके लिए यह सुनिश्चित किया गया कि देश के दूरदराज इलाकों में रहने वाले इंजीनियरिंग के छात्रों को इंडिया इनोवेशन चैलेंज डिजाइन कॉन्टेस्ट (आईआईसीडीसी) तक पहुंच हासिल हो। आईआईसीडीसी इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स के लिए नेशनल डिजाइन कॉन्टेस्ट है।
इसकी घोषणा आईआईसीडीसी 2018 के फाइनल में इस साल की शीर्ष 10 विजेता टीमों की घोषणा के साथ यह की गई थी। फाइनल में पहुंचे 10 छात्रों को स्टार्टअप आइडिया को लैब से मार्केट तक लाने का अवसर मिलेगा। उन्हें विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से 4.94 करोड़ रुपये के फंड से समर्थन दिया जाएगा। आईआईएम बेंगलुरु में इनोवेशन और एंटरप्रिन्योरशिप हब एनएसआरसीईएल में इनक्यूबेशन सेंटर खोला जाएगा, जो स्टार्टअप को मदद और प्रोत्साहन देगा। इसके साथ टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स इंडिया (टीआई इंडिया) के इंजीनियरों के तकनीकी संरक्षण के साथ उन्हें टीआई के उपकरण और तकनीक मुहैया कराई जाएगी। अब तक आईआईसीडीसी ने 20 स्टार्टअप को इनक्यूबेट किया है।
आईआईसीडीसी 2018 में तमिलनाडु के एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी को “इंकलेस प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी’ विषय पर तकनीकी नवाचार के लिए चेयरमैन अवार्ड प्रदान किया गया था। महाराष्ट्र के ए.पी. शाह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को उनके नवाचार ‘सोलर एनर्जी हार्वेस्टिंग फॉर वायरलेस सेंसर नोड’ के लिए पहले रनरअप का पुरस्कार दिया गया था। पुडुचेरी के श्री मनकुला विनयागार इंजीनियरिंग कॉलेज को उनके नवाचार ‘मस्टर्ड सीड प्रोसेसर मशीन’ के लिए दूसरा रनरअप चुना गया था।
टीआई इंडिया यूनिवर्सिटी प्रोग्राम के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने आईआईसीडीसी 2018 के विजेताओं को बधाई देते हुए कहा, “आईआईसीडीसी का विजन छात्रों को इनोवेटर्स और उद्यमी बनने का मौका देना है। छात्रों को लीक से हटकर टेक्नोलॉजी प्रॉडक्ट्स की पेशकश और वास्तविक जिंदगी की कठिन चुनौतियों को सुलझाने का अवसर देना भी आईआईसीडीसी का लक्ष्य है। 2018 में आईआईडीसी ने 1760 कॉलेजों के 26 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स तक अपनी पहुंच बनाई थी और हमें 26 हजार आईडियाज प्राप्त हुए थे। अलग-अलग तरह के स्टूडेंट्स से अलग-अलग तरह के आइडियाज आए। उदाहरण के लिए इसमें से कई छात्रों ने खेती-बाड़ी पर केंद्रित आइडिया सामने रखे। कृषि वह क्षेत्र है, जो नई और आधुनिकतम तकनीक से बड़े पैमाने पर वंचित है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि आईईसीडीसी 2018 में देश के छोटे शहरों के 90 फीसदी से ज्यादा छात्रों ने भागीदारी की। इसी तरह के जमीन से जुड़े आविष्कारों को हम आईआईसीडीसी के माध्यम से बढ़ावा देना चाहते है।”






