
तिब्बत स्थित राकसताल से दृष्टिमान कैलाश के दर्शन हेतु चवर गाय अर्थात यॉक से उन दुर्गम रास्तों में खाने-पकाने के समान ले जाया जाता है। इनकी पूँछ के बालों को चांदी की छड़ में पिरोकर पवित्र स्थान में झला जाता है।
फ़ोटो साभार: रोहित उमराव
क्या आप बता सकते हैं यह क्या है?

यह है मछली पकड़ने के प्रयोग किया जाने वाला चोरिया! कहते हैं बस्तर संभाग में आज भी इसका खूब प्रयोग होता है।- फ़ोटो: उपेंद्र रॉय







