महावीर पारामेडिकल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट को मिली आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से डिग्री कोर्स की मान्यता
पटना, 01 अगस्त 2019: श्री महावीर मंदिर पटना द्वारा संचालित महावीर वात्सल्य अस्पताल परिसर में चल रहे महावीर पारामेडिकल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में डिप्लोमा कोर्स के बाद अब आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से डिग्री कोर्स के लिए सत्र 2019 से मान्यता मिल गई है। अब इ संस्थान में साढ़े 4 साल में BPT और BMLT कोर्स की पढ़ाई एवं प्रशिक्षण कराई जायेगी। ये जानकारी आज संस्थान के निदेशक डॉ राजीव कुमार ने महावीर वात्सल्य अस्पताल में महावीर पारामेडिकल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के दसवीं वर्षगांठ के मौके पर दी। इस दौरान डिग्री पाठ्यक्रम का प्रोस्पेक्टस भी जारी किया गया।
मौके पर संस्थान की अपर निदेशक डॉ वाणी चंद्रशेखर ने बताया कि इस संस्थान में गरीब मेधावी विद्यार्थियों के लिए 10 प्रतिशत सीट आरक्षित कर दिया गया है,जिनमें उनसे न्यूनतम शुल्क लिया जायेगा। यह वहन श्री महावीर स्थान न्यास समिति द्वारा किया जायेगा, जिसके लिए विद्यार्थियों को इस संस्थान में आज से आवेदन करना होगा।

वहीं, पत्रकारों से बात करते हुए महावीर वात्सल्य अस्पताल के निदेशक डॉ एस. एस झा ने फिजियोथेरेपी और लैब टेक्नोलॉजी की पढ़ाई एवं प्रशिक्षण से होने वाले लाभ के बारे में बताया। वहीं, संस्थान के अपर निदेशक डॉ लखेन्द्र प्रसाद ने संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास के लिए आश्वस्त किया। संस्थान के प्राचार्य डॉ ई. पालवी ने बताया कि यह संस्थान विगत दस सालों से कार्यरत है, जिसमें चार प्रकार के कोर्स (DPT, DMLT, D-XRAY, DOT, ASST, AND DRESSER) स्वास्थ्य विभाग बिहार सरकार द्वारा मान्यता उपरांत सुचारू रूप से चलाए जा रहे हैं।
ए. एन. एम नर्सेस ट्रेनिंग सेंटर की प्राचार्या श्रीमती डेजी रानी ने बताया कि ए. एन. एम नर्सेस ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना वर्ष 2011 में की गई थी, जिसमें पांच सीट विधवा महिलाओं के लिए रिजर्व रखा गया है। उन्होंने बताया कि बी एस सी नर्सिंग की पढ़ाई की शुरूआत भी की जा रही हैं, जिसके लिए बिहार सरकार, स्वास्थ्य विभाग को आवदेन दिया जा चुका है।
इस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ माननीय न्यायामूर्ति श्री उदय सिन्हा समेत अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस दौरान डॉ वीणा मिश्रा, डॉ मनोरमा मिश्रा, डॉ विनय रंजन, डॉ ओम पूर्वे, डॉ यू सी ईस्सर, डॉ शिल्पी कुमारी, डॉ सोमा झा, डॉ भावना झा और डॉ खालिदा हैदर उपस्थित रहे।






