लखनऊ, 2 सितंबर 2026 : 68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2018 के आरक्षण मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के आदेश का अनुपालन न होने से नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का जोरदार घेराव कर दिया।
आयोग का आदेश लंबित, अभ्यर्थी सड़क पर
अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने स्पष्ट संस्तुति दी है – 150 अंकों में 60 (40 प्रतिशत) या उससे अधिक लाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण मानकर नियुक्ति दी जाए। इससे ओबीसी के साथ दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित भी लाभान्वित होंगे। लेकिन कई समय बीत जाने के बावजूद शासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
“हम अहसान नहीं, न्याय मांग रहे हैं”
धरने का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह ने कहा, “अभ्यर्थी वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। आयोग के आदेश के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन सरकार इसे लंबित रखे हुए है। हम संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं, अहसान नहीं।”
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
- आयोग के आदेश/संस्तुति का तत्काल और अक्षरशः अनुपालन
- 40 प्रतिशत अंक पाने वाले पात्र ओबीसी, दिव्यांग, भूतपूर्व सैनिक व स्वतंत्रता सेनानी आश्रितों को नियुक्ति
- आरक्षण विसंगतियों के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई
- शासन द्वारा की गई कार्यवाही की सार्वजनिक जानकारी
- मामले का शीघ्र और न्यायपूर्ण निस्तारण
प्रशासन की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने कई अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर इको गार्डन भेज दिया। धरने में तूफान सिंह, आशुतोष वर्मा, नवीन चौधरी, अखिल यादव, योगेश लोधी, ललिता चौधरी, कुसुम चौधरी समेत दर्जनों अभ्यर्थी शामिल रहे। अभ्यर्थियों ने साफ किया कि जब तक आयोग के आदेश का पालन नहीं होता, उनका शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।







