- ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक समिति में बिजली दर बढ़ोत्तरी पर चर्चा को लेकर उपभोक्ताओं में ख़ुशी की लहर
- ऊर्जा क्षेत्र की संवैधानिक समिति में सभी क्षेत्रों से सभी श्रेणी के शीर्ष नेतृत्व करने वाले 21 सदस्यों की यह है समिति, जिसमें चर्चा के बाद टैरिफ पर आयोग लेगा फैसला
लखनऊ,03 अगस्त 2019: प्रदेश की बिजली कम्पनियों द्वारा आम जनता, घरेलू, किसान, ग्रामीण सहित अन्य की बिजली दरों में व्यापक बढ़ोत्तरी पर जहाँ उप्र विद्युत नियामक आयोग द्वारा सभी बिजली कम्पनियों में आम जनता की सार्वजनिक सुनवाई केस्को, लखनऊ, आगरा, नोएडा और 31 जुलाई को बनारस में पूरी कर ली, जिसमें हजारों की संख्या में आम जनता द्वारा पहली बार बिजली कम्पनियों के बिजली बढ़ोत्तरी प्रस्ताव का व्यापक विरोध हुआ, अब वहीं विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन श्री आरपी सिंह द्वारा एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए वर्ष 2019-20 के बिजली दर प्रस्ताव व वार्षिक राजस्व आवश्यकता को अन्तिम पड़ाव तक ले जाकर सबकी राय लेने के लिए राज्य सलाहकार समिति की बैठक 20 अगस्त को बुलाई गयी है।
गौरतलब है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा-87 के तहत गठित राज्य सलाहकार समिति ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक समिति है जिसमें बिजली कम्पनियों के प्रमुखों सहित अलग-अलग क्षेत्रों कृषि, परिवहन, वाणिज्य, विधि, उद्योग, श्रम व उपभोक्ता प्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ पत्रकारों की 21 सदस्यीय समिति है।
बिजली दर बढ़ोत्तरी का पूरा मामला राज्य सलाहकार समिति की 16वीं बैठक 20 अगस्त को 3ः30 बजे आयोग सभागार में आहूत की गयी है, जिसकी सूचना आयोग द्वारा सभी सदस्योें को भेज दी गयी हैं। इस समिति में लिए गये निर्णय के बाद आयोग टैरिफ पर अपना अन्तिम फैसला देगा।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इस बार सबसे ज्यादा विद्युत उपभोक्ताओं ने हजारों की संख्या में नियामक आयोग द्वारा बुलाई गई सार्वजनिक सुनवाइयों में भाग लिया। नियामक आयोग जिस प्रकार से ज्यादा से ज्यादा आम जनमानस की राय जानने के लिए हर प्रयास कर रहा है उससे यह पूरी तरीके से सिद्ध हो गया है कि आयोग कहीं भी कोई चूक नहीं करना चाहता। इसीलिए काफी लम्बे अन्तराल के बाद बिजली दर बढ़ोत्तरी का प्रकरण घोषित होने के पहले राज्य सलाहकार समिति की बैठक में जा रहा है।
इसके पहले भी जब एक-दो बार राज्य सलाहकार समिति की बैठक में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव चर्चा में रखा गया था तो उस दौरान भी उपभोक्ताओं को भारी राहत मिली थी। ऐसे में पूरे प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की नजर अब राज्य सलाहकार समिति की बैठक में लगी है, जिसमें सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं का शीर्ष नेतृत्व अपनी बात रखेगा और बिजली दर बढ़ोत्तरी को वापस लेने की मांग करेगा।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने नियामक आयोग चेयरमैन को इस बात के लिए धन्यवाद दिया है कि ऊर्जा क्षेत्र की सबसे बड़ी संवैधानिक समिति में बिजली दर बढ़ोत्तरी को चर्चा के लिए रखा गया है। निश्चित तौर पर एक सार्थक मसौदा सामने आयेगा। उपभोक्ता परिषद बिजली दर बढ़ोत्तरी को रोकने के लिए पूरी जान लगा देगा और प्रदेश की आम जनता की भावनाओं को राज्य सलाहकार समिति की बैठक में प्रस्तुत करेगा।







