- दिल्ली के 126 मंदिरों के फूलों को किया जाएगा इकट्ठा
- रीसायकल आस्था कंपनी को सीमैप ने हस्तांतरण किया तकनीक
लखनऊ, 30 सितम्बर 2018: सीएसआईआर- केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप), लखनऊ ने सोमवार को रीसायकल-आस्था कंपनी के साथ चढ़ावे के फूलों से अगरबत्ती बनाने की तकनीक का हस्तांतरण किया। यह कंपनी नई दिल्ली में स्थित मंदिरों से फूल एकत्रित कर उससे मूल्यवर्धक अगरबत्ती बनाने का कार्य करेगी। विगत कई वर्षों से निरंतर सीएसआईआर-सीमैप, महिलाओं के लिए रोजगार पैदा करने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु सुगंधित अगरबत्ती व कोन बनाने का उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करता रहा है। रीसायकल-आस्था कंपनी का दिल्ली स्थित लगभग 126 मंदिरों से पहले ही समझौता हो चुका है, जो कंपनी को चढ़े फूलों को मुहैया कराएंगे।
हाल ही में भारत सरकार ने अगरबत्ती बनाने की सामग्री एवं बनी बनाई अगरबत्ती के आयात पर रोक लगा दी है, इसकी वजह से देश में अगरबत्तियों की मांग में बढ़ोत्तरी हुई है तथा देश में निर्मित अगरबत्तियों का महत्व बढ़ गया है। उक्त स्थिति को देखते हुए सीएसआईआर-सीमैप द्वारा दिल्ली की कंपनी मेमर्स रीसायकल-आस्था को अगरबत्ती बनाने की तकनीक हस्तानांतरित की गई। यह कंपनी आने वाले समय में देश की राजधानी दिल्ली के लगभग 126 मंदिरों से फूल एकत्रित कर उससे सुगंधित अगरबत्ती एवं खुशबूदार कोन बनाएगी और अधिकतर उन्हीं मंदिरों में उनकी आपूर्ति की जाएगी।
प्रोद्योगिकी हस्तांतरण के दौरान सीमैप के निदेशक डाक्टर अब्दुल समद, डाक्टर पी वी अजय कुमार, डाक्टर आलोक कालरा, डाक्टर अजीत कुमार शासने, डाक्टर संजय कुमार, डाक्टर राम सुरेश शर्मा, डाक्टर सौदान सिंह, ई० मनोज सेमवाल एवं डाक्टर आर के श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
री-सायकल आस्था कंपनी के निदेशक राजीव बंसल के साथ उनके दो सहयोगी भी इस मौके पर उपस्थित थे। बंसल ने यह बताया कि इस परियोजना में अधिकतर महिलाएं ही कार्य करेंगी। तकनीक हस्तांतरण के पश्चात अगरबत्ती प्रयोगशाला में उनका प्रशिक्षण भी कराया गया।
यह बता दें कि इससे पहले भी सीमैप कई संस्थाओं के साथ इस तरह के तकनीकी हस्तानांतरण का कार्य कर चुका है। सीमैप की तकनीकी से ही सिरडी के साईं मंदिर, वैष्णों धाम, लखनऊ के चंद्रिका देवी के साथ कई मंदिरों पर चढ़ाए फूलों से ऐसी अगरबत्तियों को बनाने का काम चल रहा है। सीमैप जब संस्थाओं के साथ समझौता करता है तो टेक्नालाजी उपलब्ध कराने के बदल फायदा में तीन प्रतिशत लेता है।






