आरक्षण समर्थक पदोन्नति में आरक्षण, जीरो फीस व उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित फीस वृद्धि के मुद्दे पर करेंगे शीघ्र ही पैदल मार्च
लखनऊ,09 अक्टूबर 2019: पूरे देश के बहुजन समाज को संगठित करने वाले व दलित व पिछड़े व अल्पसंख्यक कार्मिकों को सर्वप्रथम बामसेफ का गठन कर एक मंच पर लाने वाले बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब के 13वें परिनिर्वाण दिवस पर आज सभी जनपदों में आरक्षण समर्थकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताये हुए रास्ते पर चलकर बाबा साहब की संवैधानिक व्यवस्था को बचाने की कसम खाई।
आज संघर्ष समिति प्रान्तीय संयोजक मण्डल द्वारा मान्यवर कांशीराम साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। इस अवसर पर सभी आरक्षण समर्थकों ने पूरे देश में दलित व पिछड़े वर्ग के लोगों व कार्मिकों के साथ हो रहे अपमान पर चिन्ता व्यक्त करते हुए पदोन्नति में आरक्षण, जीरो फीस व उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित फीस वृद्धि पर गम्भीरता से चर्चा की और कहा कि मान्यवर साहब के बताये हुए रास्ते पर चलकर अपने संवैधानिक अधिकार को लेने के लिये दीपावली के बाद राजधानी लखनऊ में विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया जायेगा।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति उप्र के संयोजकों अवधेश कुमार वर्मा, डा रामशब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, अजय कुमारए श्याम लाल, अन्जनी कुमार, लेखराम, प्रेमलता, प्रेमचन्द्र, अजय चौधरी, अशोक सोनकर व सुनील कनौजिया ने कहा कि पूरे प्रदेश के दलित व पिछड़े कार्मिकों के लिये अब करो मरो का सवाल पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ द्वारा पारित पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था बहाल किये जाने के बावजूद भी उप्र की सरकार चुपचाप तमाशा देख रही है और दलित कार्मिकों का उत्पीड़न हो रहा है। वर्तमान में उप्र के किसी भी सरकारी विभाग में एक भी विभागाध्यक्ष दलित समाज का नहीं है। जबकि अनेकों विभागों में दलित समाज का कार्मिक विभागाध्यक्ष की अर्ह योग्यता रखते हुए भी हाशिये पर है। केन्द्र की मोदी व उप्र की सरकार यदि वास्तव में दलित व पिछड़े वर्ग के कार्मिकों के प्रति गम्भीर है तो उन्हें उनका संवैधानिक हक दिलाकर एक मिसाल पेश करे और दलित समाज का उत्पीड़न बन्द करायेए जो मान्यवर साहब के लिये सच्ची श्रद्धांजलि साबित होगी।






