वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार तड़के ऐलान किया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। दो महीने से ज़्यादा समय तक चले इस भयंकर सैन्य संघर्ष का यह चरण अब खत्म हुआ है।
रुबियो ने कहा, “हमने अपने तय किए गए सभी लक्ष्य हासिल कर लिए हैं। अब हम और संघर्ष नहीं चाहते।”
ईरान की मौजूदा स्थिति
- सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को मार्च 2026 में नया सुप्रीम लीडर बना दिया गया।
- देश में अभी भी सियासी उथल-पुथल और अनिश्चितता बनी हुई है। IRGC और सैन्य कमांडरों ने नए नेता की वफादारी स्वीकार कर ली है, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया कमजोर और धीमी पड़ गई है।
- युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है हजारों मौतें, सैन्य अड्डे, मिसाइल फैक्टरियां और तेल सुविधाएं तबाह। अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है और अमेरिकी ब्लॉकेड के कारण तेल निर्यात लगभग बंद है।
- इसके बावजूद ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबदबा बनाए रखना और अपने परमाणु-मिसाइल कार्यक्रम को बचाए रखना चाहता है।

ट्रम्प का ताजा बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल में कहा कि ईरान के साथ “बहुत अच्छी बातचीत” चल रही है और एक डील होने की अच्छी संभावना है।
ट्रम्प ने साफ चेतावनी भी दी:
“अगर वे समझौते पर राज़ी नहीं हुए तो हमारी बमबारी पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ और खतरनाक होगी।”
उन्होंने दो मुख्य शर्तें रखी हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सबके लिए खोलना और ईरान को कभी परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी।
फिलहाल वर्तमान में नाजुक ceasefire लागू है, लेकिन पूर्ण शांति और स्थायी समझौता अभी दूर नजर आ रहा है। क्षेत्र में तनाव कम हुआ है, मगर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बातचीत जारी है, लेकिन कोई बड़ा ब्रेकथ्रू अभी तक नहीं हुआ है। बता दें कि स्थिति तेजी से बदल सकती है।






