आज खुले आसमान को तरस रहे हैं लोग: राजधानी में दिनभर छायी रही धुंध
यह तस्वीर 1950 के दशक की है: जिसमें दिख रहा है कि दिल्ली में इस नवंबर के महीने में उज्ज्वल धूप खिली है, जहाँ कोई प्रदूषण और स्मॉग नहीं है और साथ ही स्वच्छ हवा के साथ साफ़ वातावरण दिख रहा है। वही आज प्रदूषण ने दिल्ली के साथ ही देश के अन्य कई राज्यों को अपनी चपेट में ले रखा है। मीडिया ख़बरों के अनुसार बताया जा रहा है कि दिल्ली, हरियाणा के साथ दिल्ली और राजधानी लखनऊ की सबसे अधिक पाश कालोनी कही जाने वाली गोमती नगर की हालत सबसे खराब हो चुकी है। यहां पर हवा की गुणवत्ता (370 एक्यूआई) तक पहुंच गयी है इसके अलावा दिल्ली में एक्यूआई लेबल खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने फोटो पोस्ट के साथ लिखा कि दिल्ली-एनसीआर के आसमान पर प्रदूषण का मारा कांतिहीन, तेजहीन डरा-छिपा बदहवास सा सूरज जैसे इन्सान से प्रार्थना कर रहा हो कि उसकी पूजा से बेहतर है, बस साफ-सुथरा आसमान दे दिया जाय।

दूसरी ओर लखनऊ , राजधानी में वायु प्रदूषण घटने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। गुरुवार को दमघोंटू स्माग से लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। शहर के सभी स्थानों पर हवा गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक प्रदूषित हो चुकी है। राजधानी की सबसे अधिक पाश कालोनी कही जाने वाली गोमती नगर की हालत सबसे खराब हो चुकी है। यहां पर हवा की गुणवत्ता (370 एक्यूआई) तक पहुंच गयी है।







