Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»Featured

    ठंड और चोर

    By January 2, 2020 Featured No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 656
    व्यंग्य: अंशुमाली रस्तोगी
     
     
    देखिए, ठंड को ‘बदनाम’ न कीजिए। ‘हाय बड़ी ठंड है’ कह-गाकर ठंड के दिल को ठेस न पहुंचाइए। ठंड सिर्फ अपना फर्ज अदा कर रही है। आपसे अगर ‘बर्दाश्त’ नहीं हो पा रही तो ‘पाकिस्तान’ चले जाइए।
     
    हद करते हैं। दिसंबर-जनवरी में ठंड न पड़ेगी तो क्या मई-जून में पड़ेगी। ठंड पड़ रही है तो रजाई और गर्म कपड़े बेचने वालों की दुकानें चल रही हैं। चाय और हीटर की डिमांड बढ़ गई है। लोग जमकर खा-पी रहे हैं। मुझ जैसी आलसी हफ्ते भर तक नहा नहीं रहे।
     
    उधर, चोर भाई सुकून से चोरी कर पा रहे हैं। यह सीजन तो चोरों के लिए ‘वरदान’ सरीखा होता है। लोग रजाईयों में पड़े सोते रहते हैं और चोर भाई चुपचाप हाथ साफ कर जाते हैं। भीषण ठंड में चोरी करना इतना आसान नहीं होता। भीतर तक के टांके कांप जाते हैं। लेकिन करते-करते आदत में आ ही जाता है। मैं चोरों की हिम्मत की दाद देता हूं।
     
    वैसे, कई दफा मैंने भी सोचा कि मैं लेखन-वेखन छोड़कर किसी ‘प्रोफेशनल चोर गिरोह’ को जॉइन कर लूं। उनके साथ जाकर सर्दियों में चोरी करने की प्रैक्टिस किया करूं। किस घर में कैसे चोरी करनी है। किस कंपनी में चोरी कैसे करनी है। गहने कैसे चुराने हैं। ताला-कुंडी कैसे तोड़ने हैं। आदि।
     
    ठंड में दफ्तर से दो महीने की छुट्टी लेता ही हूं। खाली समय में चोरियों की प्रैक्टिस कर हाथ भी रवां होगा और अपना खर्चा भी निकलता रहेगा। मोहल्ले में रौब जमेगा सो अलग।
     
    बल्कि मैं तो चाहता हूं ठंड पूरे साल पड़ा करे। गर्मियों में उतने कायदे से चोरी नहीं हो पाती, जितनी सर्दियों में हो जाती है। एक तो सर्दियों की रातें सुनसान होती हैं। लोग कंबल में दुप्पकर घोड़े बेचकर सो रहे होते हैं। शोर-शराबा होता नहीं। चोर आराम से अपना काम कर जाता है। किसी को कानों-कान खबर तक नहीं होती। और फिर एक बार में ही ढेर सारा रुपया हाथ लगने के बाद भला किस बेवकूफ को ठंड सताएगी। ठंड लगना तो दरअसल अमीरों के चोचले हैं। वे ही ‘ठंड है, बड़ी ठंड है’ कह-कहकर ठंड को सरेआम बदनाम करते हैं।
     
    मैं तो चाहता हूं कि लोग मुझे बड़े लेखक के रूप में न जानकर बड़े चोर के रूप में जाने। लेखक से भला कौन डरता है। चोर से लोग थोड़ा डरते तो हैं। यहां तो इतने बरस लिखकर बीता दिए एक स्कूटर तक न सीख सका। चोरी करने से कम से कम एक कार आदि की तो जुगाड़ हो ही जाएगा। है कि नहीं…।
     
    तय किया है, इस दफा लोगों के कहे पर जाऊंगा ही नहीं। लोगों का क्या है, वे तो ठंड को भी बदनाम करते हैं और चोर को भी। जहां जिस काम में दिल रमेगा मैं तो वही करूंगा। बता दूं, लेखक बनने से ज्यादा कठिन है चोर बनना। अपनी बीवी के पर्स में से दस का एक नोट निकालकर ही देख लीजिए, पता चल जाएगा।
     
    बहुत हुआ। रजाई का मोह छोड़कर मैं अपने मोहल्ले के चोरों के सरदार से जाकर मिलता हूं। उनसे अपनी चोर बनने की इच्छा व्यक्त करता हूं। मुझे उम्मीद है कि वे मुझे अपना चेला बना लेंगे। निराश कतई न करेंगे।
     
    ठंड का क्या है, इसे तो पड़ना ही है। क्यों न मैं भी चोर बनकर इसका फायदा उठाऊं। ठीक रहेगा न…।

    Keep Reading

    The saga of the 'Iron Man'—who united 565 princely states—now arrives on a Delhi stage.

    565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोने वाले ‘लौह पुरुष’ की गाथा अब दिल्ली के मंच पर

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    ‘नये औजार से कबीर की खुदाई’ ने छेड़ा नया विमर्श, पुस्तकों के बीच गूंजीं कविताएं

    "Books focus the mind and connect it with traditions" - Brajesh Pathak; Isha-Misha Ratan's Kathak performance captivated the audience

    ‘पुस्तकें मन को एकाग्र कर परंपराओं से जोड़ती हैं’-ब्रजेश पाठक; ईशा-मीशा रतन की कथक प्रस्तुति ने मोहा मन

    A Grand Gathering of Books: 23rd 'National Book Fair' to be Held in Lucknow Starting October 1st

    किताबों का महाकुंभ: लखनऊ में 1 अक्टूबर से सजेगा 23वां ‘राष्ट्रीय पुस्तक मेला’

    Union with Emptiness

    शून्यता से मिलन

    Grand launch of two new works by Dr. Vidyasagar Upadhyay on Hindi Diwas

    हिन्दी दिवस पर डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की दो नई कृतियों का भव्य लोकार्पण

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading