राज्यपाल को प्रेषित किया ज्ञापन, प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी कांग्रेस नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को पूरे प्रदेश में कांग्रेस के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर एवं उपवास रखकर विरोध जताया। सोशल मीडिया के माध्यम से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लाईव रहकर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ आवाज उठाकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग की। इसके उपरान्त सभी पदाधिकारियों ने प्रदेश के राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया।
राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में कोरोना महामारी से पूरा देश प्रभावित है। इसके चलते लगाये गये लाॅकडाउन से लाखों प्रवासी मजदूर, किसान, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमी, मछुवारे और दिहाड़ी मजदूर अत्यन्त दुःख में हैं। उन्हें सैंकड़ों किमी पैदल चलकर (हाईवे पर), ट्रकों में पैक होकर जाना पड़ रहा है। सरकार द्वारा कोई परिवहन की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण रास्ते में बहुत से प्रवासी मजदूरों की मौत हो गयी है।
इन प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस पार्टी द्वारा एक हजार बसें चलाने का निर्णय लिया था, जिसे प्रदेश सरकार की हठधर्मिता के चलते मंजूरी नहीं दी गयी। इसका विरोध करने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया जो 21 मई से लखनऊ जेल में निरूद्ध हैं। ज्ञापन में मांग की गयी है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को तत्काल रिहा किया जाये। साथ ही साथ हमारे नेताओं के खिलाफ दर्ज किये गये फर्जी मुकदमे वापस लिये जायें।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय प्रांगण में मौजूद सैंकड़ों की संख्या में वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया तथा सोशल मीडिया पर लाईव होकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को तत्काल रिहा करने की मांग की गयी।
इस मौके पर प्रमुख रूप से पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी, नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना, पूर्व विधायक श्यामकिशोर शुक्ल, उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी, महामंत्री विश्वविजय सिंह, प्रभारी प्रशासन सिद्धार्थ प्रिय श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।







