बीबीएयू में हुआ वेबिनार, पंजाब विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे मुख्यवक्ता
लखनऊ, 30 मई 2020: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा शनिवार को “मेथड्स ऑफ लीगल रिसर्च” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में मुख्य वक्ता पंजाब विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के निदेशक प्रो रतन सिंह रहे। वेबिनार की अध्यक्षता प्रोफेसर सुदर्शन वर्मा द्वारा की गई।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर रतन सिंह ने बताया कि आज के समय में रिसर्च समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका रखती है। वहीं विधिक कानून और समाज एक दूसरे से बराबर जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड वर्क रिसर्च का सबसे जरूरी भाग है। इसमें भी ऑब्जर्विंग पावर होना चाहिए। उन्होंने आज के समय में मजदूरों के पलायन की समस्या पर चर्चा करते हुए कहा कि घर बैठकर या टीवी पर देखकर मजदूरों के किन-किन अधिकारों का हनन हो रहा है यह बताया नहीं जा सकता। फील्ड वर्क करके ही असली रिपोर्ट सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का कानून बनने से पहले लीगल रिसर्च करना महत्त्वपूर्ण ही नहीं अनिवार्य भी है।
प्रोफेसर सुदर्शन वर्मा ने कहा कि कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन से सभी काम ठप पड़े हुए हैं, पर शिक्षा का कार्य नहीं रुक सकता है। इस दिशा में नियमित शिक्षा के लिए वेबिनार व ऑनलाइन क्लासेस काफी मददगार रही है। ये हम सभी की मेहनत का नतीजा हैं कि आज हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइन्स को ध्यान में रखते हुए इस राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया है। इसके बाद कार्यक्रम की संयोजक डॉ सूफिया अहमद द्वारा प्रश्न उत्तर से जुड़ा सत्र आयोजित किया गया जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपने अपने सवाल रखे।







