भारत अलर्ट: LAC पर भी बढ़ रही भारतीय सेना की संख्या
एक तरफ जहां पूर्वी लद्दाख में पैदा हुए विवाद के समाधान के लिए भारत-चीन की तरफ से लगातार चर्चा की जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ यह बात सामने आई है कि चीन ने करीब 4 हजार किलोमीटर लंबे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओएसी) पर अपनी सेना की तैनाती कर दी है। इसके बाद भारत ने भी हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के अग्रिम ठिकानों पर युद्ध सामग्री को लगा कर जवाब दिया है।

उधर चीन की गोद में पल रहे नेपाल ने भी भारत को आँख दिखाते हुए बॉर्डर पर फायरिंग की। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेपाली सेना ने की अंधाधुंध फायरिंग की है, मीडिया सूत्रों के अनुसार खेत मे काम कर रहे एक मजदूर की मौत हो गयी और दो जख्मी हैं पीड़ित किसानों बताया जा रहा हैं कि एक मजदूर नेपाली सेना के कब्जे में है। इस मामले में भारतीय नेपाल सीमा पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस मोर्चे पर मौजूद बताई जा रही है और मामले कि गंभीरता से पड़ताल कर रही है!
बता दें कि भारत-चीन के बीच सीमा को लेकर इस वक्त तनाव चरम पर है। यह विवाद उस वक्त पैदा हुआ जब चीन की सेना की तरफ से मई के पहले हफ्ते में लद्दाख सेक्टर और सिक्किम में निर्माण कार्य शुरू किया गया और वे नाकू ला इलाके तक पहुंच गए, जहां पर भारतीय सेनाओं के साथ झड़प हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन की सेना ने ना सिर्फ सैन्य निर्माण लद्दाख में किया बल्कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश समेत अन्य सेक्टरों में भी किया जहां पर इनके साथ हमारी सीमाएं लगती हैं। इस निर्माण के दौरान इन्होंने महत्वपूर्ण ठिकानों पर अपने सैनिकों को और भारी हथियार तैनात किए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन किसी भी संभावित दुस्साहस का जवाब देने के लिए इन सभी सेक्टरों की अग्रिम ठिकानों पर लड़ाकू हथियार तैनात कर दिए हैं। बटालियन के एक रिजर्व ब्रिगेड्स को बैकअप के लिए लद्दाख सेक्टर भेजा गया गया। हिमाचल प्रदेश में जिस जगह पर चीन के हेलीकॉप्टर्स दिखे थे वहां पर अतिरिक्त जवानों को सीमाई इलाकों में लगाया गया है।
उधर उत्तराखंड में भी हर्षिल-बाराहोती-नेलांग वैली और अन्य सेक्टरों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है, जहां पर उनकी तैनाती से पहले चीन के हेलीकॉप्टर्स दिखे थे और वे पैदल ही पेट्रोलिंग करते हुए देखे गए हैं।







