ईआरपी व्यवस्था की तरह संयोजन लेने से लेकर सभी व्यवस्था हो स्वता कैलकुलेट आधारित
लखनऊ, 08 अगस्त, 2020: सभी बिजली कम्पनियो में वर्तमान में ईआरपी वयवस्था लागू की जा रही है निश्चित ही ऑनलाइन होने से पारदर्शिता कायम होगी ऐसे में उपभोक्ता संयोजन लेने की पूरी वयवस्था ऑनलाइन हो आवेदक द्वारा स्वता संयोजन की औपचारिकता पूरी करते ही उसका स्टीमेट स्वता ऑनलाइन बनकर आवेदक को दिखने लगे प्रदेश के सभी स्टोरो की सामग्री ऑनलाइन हो उसे उपभोक्ता भी वेबसाइट पर देख सके कॉस्ट बुक के अनुसार जो भी स्टीमेट बने वह स्वता कैलकुलेट आधारित हो सभी डिवीजन अपने ट्रांसफार्मर की उपलब्ध संयोजन क्षमता भी सार्वजानिक करे जैसे उपभोक्ता को कोई यह झांसा न दे पाये कि कैपेसिटी ट्रांसफर्मर में है कि नहीं!
अनेकों जगह उपभोक्ता को ओवरलोड सिस्टम बताकर भारी धनराशि का स्टीमेट जारी कर दिया जाता है और सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला यह है की वर्षो से स्टोरो में सामान नहीं जिससे हजारो उपभोक्ता पैसा जमा कर घूम रहे है और परेशान हो रहे है पर भी अबिलम्ब विभाग निर्णय लें। सभी वयवस्था ऑनलाइन हो जिसे पारदर्शिता कायम हो सके।
नियामक आयोग और ऊर्जामंत्री से होगी इस मसले पर सीधी बात: उपभोक्ता परिषद
इस मसले पर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा ने कहा उपभोक्ता का कोई काम जो बिजली विभाग से होना है और उसमे वित्तीय वयवस्था जुडी है वह ऑनलाइन होना जरुरी है बिजली चोरी से लेकर बिलिंग संशोधन के रफनोट जिसे विभाग आर -2 भी कहता है वह भी ऑनलाइन हो जिससे उपभोक्ता देख सके और उस पर उसे कोई संदेह हो तो वह चैलेंज कर सके।
उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही उपभोक्ता परिषद इस पूरी वयवस्था को ऑनलाइन करने के लिए नियामक आयोग और प्रदेश के ऊर्जामंत्री से भी बात करेगा और जरूरी हुवा तो आगामी राज्य सलाहकार समिति की मीटिंग में एक प्रस्ताव इससे सम्बंधित ले जायेगा ।







