उपभोक्ता परिषद ने किया खुलासा कहा:- स्मार्ट मीटर भार जंपिंग मामले की केंद्रीय विद्युत अनुशंधान सस्थान (सीपीआरआई) से रिपोर्ट मार्च अप्रैल में मिल गयी थी लेकिन रिपोर्ट दबाए रहे कंपनियों के अभियंता
लखनऊ, 21 अगस्त, 2020: स्मार्ट मीटर जंपिंग मामलें में आज उस समय नया मोड आ गया जब प्रदेश के उपभोक्ताओ की पीड़ा को लेकर उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री इस मामलें में बात की। उन्होंने उनके सामने यह मुद्दा उठाया कि जनवरी 2019 में प्रदेश में स्मार्टमीटर जंपिंग का बड़ा खुलासा हुआ था, उसके बाद आपके निर्देश के बाद भार जंपिंग के मामले में एक 4 सदस्यीय जाँच कमेटी का गठन हुआ था, जाँच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में तय निर्णय के आधार पर कुछ जंपिंग मीटरों की डिस्कॉम वाइज नोडल ऑफिसर नियुक्त कर उसे केंद्रीय विद्युत अनुसंधान सस्थान ( सीपीआरआई) नोएडा जाँच के लिए भेजा गया।

उन्होंने कहा कि तबसे लेकर आज तक सभी उच्चाधिकारी यह कहते रहे की जिस लेबोटरी में जाँच के लिए मीटर गये हैं वह कोरोना कैंटोमेंट जोन में है इसलिए जाँच लंबित है। जब इस आशय की जानकारी उपभोक्ता परिषद ने सीपीआरआई नोएडा के एक उच्चाधिकारी से बात की तो पता चला कुछ भार जंपिंग मीटर की कुछ जाँच रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, कुछ लंबित है जल्द जाँच पूरी होगी जब हम तह में गये तो पता चला मध्यांचल व पूर्वांचल में भार जंपिंग की रिपोर्ट मार्च अप्रैल में ही प्राप्त हो गयी थी जिससे दबाया गया है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने इस मामले पर निदेशक वाणिजय पावर कार्पोरेशन से भी बात की। उन्होने भी माना कि बात सही है कुछ ऐसा सज्ञान में आया है और छानबीन चल रही। सबसे बड़ा मामला यह है की मीटर जंपिंग की जाँच में स्मार्ट मीटर में कुछ गंभीर कमिया उजागर हुई है इसकी सत्यता की जाँच होना बहुत जरूरी है लेकिन इस रिपोर्ट के प्राप्त होने के बाद अभियंता चुप क्यों थे ? और यह बहुत ही गंभीर मामला है कि इतने समय से मामले को उलझाया गया जिससे प्रदेश के उपभोक्ताओ का विश्वास उठा है।
इस मसले पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को अस्वासन दिया कि मामला बहुत गंभीर है। प्रदेश के उपभोक्ताओ के हित में जो भी निर्णय लेना होगा, लिया जायेगा। सरकार पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है जो भी रिपोर्ट को दबाने के लिए जिम्मेदार होगे। उनके खिलाफ सख्त कदम उठाया जायेगा जो भी उच्चाधिकरी मामले को गुमराह करने के लिए दोषी पाये भी जाएगे उनको बक्शा नहीं जायेगा।







