स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की बिजली गुल मामला: स्मार्ट मीटर जंपिंग पर सीपीआरआइ से कुछ जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद उसे दबाने का मामला गर्माया, शक्तिभवन में मची खलबली
प्रदेश के लाखो स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ की बिजली जन्मास्टमी पर बाधित होने के मामले में नियामक आयोग ने सभी बिजली कम्पनियो को 13 अगस्त को नोटिस देकर जबाब मांगा था लेकिन बिजली कम्पनियो ने नियामक आयोग से थोड़ा और टाइम माँगा था और उस आशय का एक पत्र पावर कार्पोरेशन ने नियामक आयोग को लिखा था जिसके परिपेक्ष में नियामक आयोग की पूर्ण पीठ चेयरमैन श्री आरपी सिंह सदस्यगण श्री केके शर्मा व विनोद कुमार श्रीवास्त ने पूरे मामले पर सुओमोटो निर्णय के बाद सभी बिजली कम्पनियो का कल दिनक 23 अगस्त तक रिपोर्ट आयोग में जमा करने का निर्देश दिया है और यह फैसला सुनाया है की यदि रिपोर्ट नहीं जमा होती तो ऐसी दशा में सभी बिजली कम्पनियो के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाएगी जिसके बाद शक्ति भवन में हड़कंप मचा है मामले की गम्भीरता को देखते हुए शक्तिभवन में रिपोर्ट को लेके गहमागहमी मची रही।
बड़ा मामला है: उपभोक्ता परिषद
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने ने कहा उपभोक्ता परिषद् पहले ही सभी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. ( ईईएसएल ) पावर कार्पोरेशन एलएनटी मीटर निर्माता कंपनी के खिलाफ कठोर कार्यवाही किए जाने हेतु विद्युत नियामक आयोग में जनहित प्रत्यावेदन दाखिल कर चूका है । आयोग द्वारा अपने आदेश में विद्युत वितरण संहिता व स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस के उलघन पर जोर दिया है उससे अब पूरी तरह साफ हो गया है की उपभोक्ता परिषद् की मांग जल्द पूरी होगी और सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ को संयोजन जोड़ने व काटने की फीस ( आरसीडीसी) का पैसा ईईएसएल को देना पड़ेगा वही दूसरी ओर स्मार्टमीटर जंपिंग के मामले में केंद्रीय विद्युत अनुशंधान सस्थान ( सीपीआरआई ) नोएडा जाँच की रिपोर्ट कुछ कम्पनियो में दबाने का मामला भी काफी तूल पकड़ लिया है और पावर कार्पोरेशन के उच्चाधिकारी सुबह से ही माथापच्ची में लगे है की जो रिपोर्ट दबाने वाले अभियंता है उन पर काया सख्त कदम उठाया जाय ।
उपभोक्ता परिषद ने कहा की पावर कार्पोरेशन ने बिना यूजर एक्सेप्टेंस टेस्ट किए उपभोक्ताओ के यहाँ स्मार्ट मीटर क्यों लगाया गया यह भी बड़ा मामला है।







