एसोशिएसन कहा कि निजीकरण व आरक्षण समाप्त करने की बड़ी साजिश पर नहीं बैठेंगे चुप
ऊर्जा क्षेत्र में पूर्वांचल के विद्युत वितरण निगम को निजीकरण किए जाने की साजिश के खिलाफ आज से उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के वैनर तले दलित व पिछड़े वर्ग के अभियंताओ ने मोर्चा संभाला लिया है।
उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन की प्रांतीय कार्यसमित की आज एक आवश्यक मीटिंग में ये एलान किया कि निजीकरण का हर स्तर पर जमकर विरोध किया जायेगा क्योंकि सरकार आरक्षण को समाप्त करने के लिए यह पुरजोर कोशिश कर रही है आज से एसोशिएसन निजीकरण पर प्रदेश के जनप्रतिनिधियो प्रदेश में मंत्रियों सता व विपक्ष के वरिष्ठ नेतावो को निजीकरण रोकने के लिए ज्ञापन देकर यह अपीेल करेगा कि सभी प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात कर इस जनविरोधी निर्णय को वापस कराए।
उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक 30 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने सर्वप्रथम आज प्रदेश के श्रम सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से उनके आवास पर मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की और एक ज्ञापन सौपते हुए यह मांग उठाई कि मुख्यमंत्री से बात कर पूर्वांचल के निजीकरण को रोकवाने का कष्ट करे।
उन्होंने कहा कि जंहा एक तरफ इससे दलित व पिछडो का आरक्षण समाप्त करने की साजिश की जा रही वही दूसरी ओर इससे सबसे ज्यादा नुकसान प्रदेश के उपभोक्ताओ व बिजली कार्मिको का होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से टोरेंट पावर कंपनी व नोएडा पावर कंपनी पूरी तरह फेल साबित हुई है आज वही उसका खामियाजा जनता भुगत रही इसके बावजूद पूर्बांचल के निजीकरण की साजिश करना अपने आप में बड़ा सवाल है। सरकार से ऐसे अबिलम्ब खारिज करवाये निजीकरण की विफलता से अवगत कराये।
श्रम सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने एसोशिएसन के पदाधिकारियो को अस्वासन दिया कि वह प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से बात कर आप सबकी भावना से अवगत करायेगे।
श्रम मंत्री से मिलने के बाद उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष केबी राम कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा उपाध्यक्ष श्री एसपी सिंह श्री पीएम प्रभाकर अतरिक्त महासचिव अनिल कुमार सचिव आरपीकैन संघटन सचिव अजय कुमार राकेश पुष्कर, रामबरन एसएस आर्य, मनोज सोनकर लोकेश कुमार, प्रेम चंद्र एचपी कौसल अजय कनौजिया, रंजीत बाबू लाल, अश्वनी कुमार, राजकपूर गौतम, विकास दीप, प्रभाकर कुमार राजेश कुमार स्वेता कुमारी ने कहा कि आगे भी यह लड़ाई जारी रहेगी।







