उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन की पावर कार्पोरेशन प्रबंधन के साथ दो पक्षीय वार्ता में एसोसिएसन ने रखी अपनी बात, चेयरमैन बोलें देखना है अब सरकार क्या करती है निर्णय?
ऊर्जा क्षेत्र में पूर्वांचल के विद्युत वितरण निगम को निजीकरण किए जाने के खिलाफ आज उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन ने बिना निजीकरण किए उसमे वयापक सुधार कार्ययोजना पर अलग अलग माननीय ऊर्जामंत्री जी व पावर कार्पोरेशन प्रबंधन के साथ वार्ता की सर्व प्रथम असोसिएशन के पदाधिकारियो की पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन अरविन्द कुमार व प्रबंधनिदेशक ऍम देवराज व उत्पादन निगम के प्रबंध निदेशक सेंथिल पांडियन के साथ लगभग 1 घंटा मीटिंग बोर्ड रूम में चली, जिसमे पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने निजीकरण की मजबूरी पर अपना पक्ष रखा, जिस पर उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा दलित और पिछडो के खून में निजीकरण का विरोध है क्योकि इससे आरक्षण पर सबसे बड़ा कुठाराघात होता है।

ऐसे में हम हमेसा निजीकरण के विरोध में खड़े रहेगे आगे पॉइंट वाइज चर्चा करते हुए पूरे देश में निजीकरण की विफलता पर प्रकाश डालते हुए एमओयू रुट के प्रोजेक्टों के चलते उर्जासेक्टर को तबाह किए जाने की साजिश पर आकड़े रखते हुए निजी घरानो की पोल खोली और कहा सरकार एक बार सभी बिजली कार्मिको को एक एजेंडा वाइज प्रोग्राम दे हम सब सुधार करते हुए माननीय ऊर्जामंत्री के निर्देश पर 15 प्रतिशत एटीएनसी हानीयो पर लाने का लक्ष पूरा करेगे टोरेंट पावर व एनपीसीएल की विपलता पर विस्तार से चर्चा करते हुए सिद्ध किया कैसे प्रदेश में निजीकरण का दोनों प्रयोग फैल है फिर क्यों सरकार निजीकरण पर आमादा है।
उन्होंने कहा कि आज बिना बिजली खरीदे एमओयू रुट को 5 हजार करोड़ फिक्स्ड चार्ज देना पड रहा है इसके लिए अभियंता कार्मिक नहीं सरकारी और प्रबंधन जिम्मेदार है केस्को की सफलता सभी के सामने है जब कार्मिको ने ठाना और सुधार किया ऐसे में पूर्वांचल को सुधार कर हम सभी नया कीर्तमान स्थापित कर सकते है बशर्ते प्रबंधन साथ दे ।अब पूरे देश में निजीघरानी सबसे खराब क्षेत्र इस लिए चुनते है की उनको काम दम पर पूरा इलाका मिल जय और वो बड़ा लाभ कमाए देश का कोई निजीघराना ऐसे है कोई बताए जिसने अपना वितरण नेटवर्क खड़ा किया हो निजीकरण कार्मिक और उपभोक्ता सभी के हित के खिलाफ है ।
उसके तुरंत बाद का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिध मंडल प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात कर एक ज्ञापन सौपा और कहा सरकार निजीकरण का फैसला वापस ले हम सभी सुधार कर पूर्वांचल को आगे बढ़ाएंगे जिस पर माननीय ऊर्जा मंत्री जी ने विचार करने का भरोसा दिया है । एसोशिएसन अपने आंदोलन को यथावत रखते हुए फिलहाल जनप्रतिनिधियो व मंत्रियों से सहयोग लेकर निजीकरण को वापस करने की अपनी मुहीम लगातार जारी रखेगा।
पावर कार्पोरेशन के चेयरमैन ने एसोसिएसन की बातो पर सैद्धांतिक रूप से दी अपनी सहमती आगे अब देखना है सरकार क्या निर्णय करती है।
प्रबंधन व माननीय मंत्री जी से मिलने के बाद उप्र पावर आफीसर्स एसोशिएसन के अध्यक्ष केबी राम कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा उपाध्यक्ष एसपी सिंह अतरिक्त महासचिव अनिल कुमार सचिव आरपीकैन संघटन सचिव अजय कुमार आनंद कनौजिया ने कहा जब तक सरकार निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेते आंदोलन जारी रहेगा।







