World Vision Day: 8 October Special
वैसे किसी भी इंसान की पूरी की पूरी दुनिया ही अंधकारमय हो जाती है जब उसकी आंखे सही सलामत न हो। हम इंसानो के लिये आंखे कुदरत की एक नियामत है जिसके के बिना हम इंसानों के जीवन में दिन और रात का भान न होने से उसके लिये दोनो एक समान प्राय हो जाता है।
नेत्रदान समाज सेवा का पूरी तरह से स्वैच्छिक कार्य है, जिसके लिए दानदाता या उसके परिवार को कोई पैसा नहीं दिया जाता है, क्योंकि अंगों की बिक्री या खरीद गैर-कानूनी है।
विश्व दृष्टि दिवस प्रतिवर्ष अक्टूबर महीने के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस वर्ष यह दूसरे गुरुवार बार यानि कि 8 अक्टूबर के दिन मनाया जाने वाला है। विश्व दृष्टि दिवस “वर्ल्ड हेल्थ संस्था” के दृष्टिकोण से वर्ष 2020: दृष्टि के अधिकार की वैश्विक पहल के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिहीनता रोकथाम एजेंसी (आईएपीबी) द्वारा समन्वित है। यह दिवस लोगों में नेत्र दान करने की जागरूकता को फैलाने के लिए मनाया जाता है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा अपनी आंखों को दान कर एक नेत्रहीन की जिंदगी में आपके नेत्रों से दुनिया को देखने का माध्यम बन सकें।
विश्व दृष्टि दिवस मनाने का प्रमुख उद्देश्य लोगों में दृष्टि हींन लोगों को अपना नेत्र दान कर दृष्टिहीनों के जीवन में उजाला भरने के तमामों प्रयासों के बावजूद अभी भी लोगों में नेत्र दान करने की प्रतिशत पूरी दुनिया मे 1प्रतिशत लोगों से भी कम लोग पूरे जीवन काल मे अपने नेत्रों का दान करने के लिये आगे आते हैं। यदि कहा जाये तो नेत्र दान दुनिया का सबसे उत्तम व महादान है। वैसे कुछ लोग तो अपना सम्पूर्ण शरीर ही दान कर देते हैं लेकिन जहाँ तल नेत्रों का मामला है शरीर के मृत होने के 4 से 6 घंटो के अंदर ही नेत्र की कार्निया का इस्तेमाल कर लिया जाता है। शेष ऊतकों का उपयोग प्रत्यारोपण के लिए नई तकनीकों के शोध के लिए किया जाता है। – प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती







