देश में एकाएक फिर से महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते नजर आ रहे हैं। समाज में अपराध के प्रति जबरदस्त गुस्सा और जन आक्रोश व्याप्त है। लोग सही न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि पुलिस-प्रशासन इसकी रोकथाम के लिए हर संभव कोशिशें कर रहा है और इसके लिए सभी कदम भी उठा रहा है लेकिन अपेक्षित रोक इस पर नहीं लग पा रही है। आये दिन महिलाओं और बच्चों की के प्रति ऐसी अशुभ ख़बरें आती हैं जिससे समाज शर्म से अपने आपको लज्जित महसूस करता है।
बता दें कि ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर कड़े दिशा निर्देश जारी किए हैं। उसने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वह महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में तत्काल पुलिस की कार्रवाई को सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे मामलों की जांच दो माह में पूरी करें। जिससे लोगों का भरोसा सरकार के प्रति बढे।
इन मामलों में केंद्र ने स्पष्ट रूप से कहा है कि महिला अपराध के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में जरा भी आनाकानी न की जाय। इसके अलावा लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई के लिए कहा गया है। दिशा निर्देशों को जारी करने के साथ ही मंत्रालय ने गैंगरेप से जुड़े मामलों में एक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है जहां से ऐसे केसों की मॉनिटरिंग हो सकती है। यह अच्छी बात है कि मंत्रालय ने नए सिरे से ये कदम उठाए हैं। इसके अलावा निर्भया मामले के बाद बनाए गए कड़े कानूनों को भी याद रखना चाहिए।
सबसे बड़ी जरूरत ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। बात चाहे सही रिपोर्ट लिखने की हो या तफ्तीश की या अभियुक्तों की गिरफ्तारी की- बिना समय गंवाए ये काम हो जाने चाहिए।
स्वाभाविक है कि इसके लिए पुलिसकर्मियों में चुस्ती की जरूरत है क्योंकि तमाम मामलों में इन बिंदुओं पर पुलिस की कमी के उदाहरण सामने आए हैं।







