पूरे प्रदेश के अभियंताओं ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
उप्र इंजीनियर्स एसोसिएशन एवं उप्र राज्य विद्युत परिषद अभियन्ता संघ के तत्वावधान में पूर्व से निर्धारित आम सभा और मांगों को लेकर विचार-विमर्श को पुलिस ने रोक दिया। पुलिस द्वारा बैनर हटाने के बाद अभियंताओं ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सौंपा।
इसके साथ ही इंजीनियर्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि कोविड-19 से सम्बन्धित सभी प्रोटोकाल का पालन करते हुए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के उपलक्ष्य पर संयुक्त रूप में सभा आयोजित की गयी। इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा असहयोग की भावना का प्रदर्शन किया और सभा के प्रारम्भ होने के समय सब इंस्पेक्टर के द्वारा अभद्र तरीके से सभा के बैनर को फाड़ कर सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म जयन्ती को मनाने से बल पूर्वक रोका गया।
सभी सदस्यों ने शान्तिपूर्ण तरीके से लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पण किया तथा ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ पर सरकारी विभागों, उपक्रमों के निजीकरण, आर्थिक रियासतीकरण को रोकने व सरकारी विभागों की अखण्डता को बनाये रखने एवं अभियन्ता प्रतिष्ठा संरक्षण के लिए दृढ़संकल्प लिया।
इसके उपरान्त सभी उत्तेजित अभियन्ता उप्र इंजीनियर्स एसोसिएशन के कार्यालय पर एकत्र हुए और सभा की। इसके अतिरिक्त प्रदेश के अभियंत्रण विभागों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों के अभियंताओं की निम्न प्रमुख मांगों से सम्बन्धित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।
उनकी प्रमुख मांगों में राजहित व प्रदेश के जनहित में प्रदेश के अभियंत्रण विभागों में प्रमुख सचिव एवं निगमों-सार्वजनिक उपक्रमों में प्रमुख सचिव व विभागाध्यक्ष दोनों पदों पर अभियंत्रण संवर्ग के वरिष्ठतम अभियंताओं की तैनाती की जाए। राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों,निगमों,अभियंत्रण विभागों में निजीकरण की प्रक्रिया बन्द की जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। आदि रहे।







