प्रीपेड मीटर उच्च गुणवक्ता के ही लगे करे केंद्र सरकार ऐसी व्यवस्था: उपभोक्ता परिषद
उपभोक्ता परिषद ने कहा कि पूरे प्रदेश में विद्युत उपभोक्ता की संख्या बढ़ाने और हर घर बिजली पहुंचने के लिए केंद्र व राज्य सरकारें योजनाए चला रही लेकिन जबसे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुआ और उसमे अनेकों विवाद सामने आये चाहे स्मार्ट मीटर भार जंपिंग का मामला हो चाहे तेज चलने का मामला हो चाहे जन्मास्टमी के दिन लाखो स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ की बत्ती गुल होने का मामला हो तबसे लगातार विद्युत उपभोक्ताओ द्वारा स्मार्ट मीटर की विस्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। प्रदेश में भले ही स्मार्ट मीटर लगना बंद है लेकिन अबतक लग चुके 12 लाख स्मार्ट मीटर पर भी सरकार को उचित निर्णय लेना होगा।
परिषद् ने कहा कि अब जब केंद्र सरकार स्मार्ट मीटर की जगह प्रीपेड मीटर लाने की बात कह रही तो उपभोक्ता परिषद पूरी तरह चौकन्ना है जिसको लेकर आज आज उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने देश के केंद्रीय ऊर्जासचिव श्री आलोक कुमार से मोबाइल पर बार बात कर आगे देश में लगने वाले प्रीपेड मीटर की उच्च गुणवक्ता व उसे उपभोक्ता फ्रेंडली टेक्नोलॉजी पर आधारित किया जाय की मांग की जिस पर उनके द्वारा उपभोक्ता हिट में जरूरी सुझाव भेजने हेतु कहा गया जल्द उपभोक्ता परिषद् एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगा।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि अब एक नया मामला सामने आया है कि दिसम्बर 2020 तक पूरे प्रदेश में जहाँ लगभग 1440 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ ने अपना संयोजन स्थायी विच्छेदन करा लिया था अब वही तीन महीने के अंदर ही वह संख्या 6615 तक पहुंच गयी है। पूरे प्रदेश में अब तक कुल 6615 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ ने अपना संयोजन पीडी करा लिया है यानी अपना कनेक्शन ही कटा लिया जो अपने आप में बहुत चिंता का विषय सभी कम्पनियो में हड़कम्प्प मच गया है सबसे बड़ा चौकाने वाला मामला यह है की इसमे से सबसे ज्यादा उपभोक्ता संयोजन कटाने वाले राजधानी लखनऊ 1320 मथुरा 782 वाराणसी 542 मेरठ 1409 इलाहाबाद में 136 गोरखपुर में 112 बरेली 233 केस्को1205 उपभोक्ताओ ने संयोजन कटाया है और पूरे प्रदेश में हजारो स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओ ने संयोजन कटाने के लिए प्रार्थना पत्र सोेप रहे उपभोक्ता परिषद ने एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी व ऊर्जामंत्री जी से उठाई मांग दोषियों पर हो कठोर कार्यवाही।
जनपद स्थायी विच्छेदन स्मार्ट मीटर उपभोक्ता
लखनऊ 1320
मथुरा 782
वाराणसी 542
मेरठ 1409
इलाहाबाद 136
गोरखपुर 112
बरेली 233
केस्को 1205
4के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा प्रदेश के उपभोक्ताओ के मन में सक होना स्वाभाविक है क्योंकि आज तक स्मार्ट मीटर प्रकरण में किसी भी दोषी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही नहीं हुए वर्तमान में स्मार्ट मीटर यूजर एक्सेसप्टन्स टेस्ट चल रहा बहुत कमिया सामने आ रही लेकिन न तो मीटर निर्माता कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाही हुई और न ही ईईएसएल के खिलाफ कोई कठोर कार्यवाही हुई आज भी अनेको उपभोक्ताओ जिनका बकाए पर संयोजन कटता है भुगतान के बाद भी संयोजन कई दिन तक नहीं जुड़ पता यह है स्मार्ट मीटर का स्मार्ट खेल जिसमे जनता पूरी तरह त्रस्त हो रही है।







