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ईरान के बंदरगाहों पर सख्त नाकाबंदी, 31 से ज्यादा जहाजों को घुमाया
नई दिल्ली : अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार को पुष्टि की कि ईरान की समुद्री नाकाबंदी के तहत अब तक 31 से ज्यादा जहाजों (ज्यादातर तेल टैंकर) को वापस लौटने या बंदरगाह पर जाने का निर्देश दिया गया है। ज्यादातर जहाजों ने अमेरिकी निर्देशों का पालन किया।
इस बड़े मिशन में अमेरिका ने 10,000 से ज्यादा सैनिक, 17 युद्धपोत और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए हैं। CENTCOM ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि कार्रवाई में काफी सहयोग मिला है और नाकाबंदी प्रभावी ढंग से लागू हो रही है।
ट्रंप का सख्त ऐलान: नाकाबंदी तब तक नहीं हटेगी जब तक ईरान ठोस प्रस्ताव नहीं देता
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि जब तक तेहरान एक औपचारिक और एकीकृत प्रस्ताव नहीं देता तथा बातचीत से कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तब तक यह समुद्री नाकाबंदी पूरी तरह जारी रहेगी। ट्रंप ने एकतरफा फैसले से सीजफायर बढ़ा दिया, लेकिन ब्लॉकेड को बनाए रखा।
ईरान का गुस्सा फूटा: ‘यह युद्ध की कार्रवाई है, सीजफायर का उल्लंघन’
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची (Abbas Araqchi) ने इस नाकाबंदी को “युद्ध की कार्रवाई” करार दिया और कहा कि यह मौजूदा सीजफायर का सीधा उल्लंघन है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ ने भी चेतावनी दी कि नाकाबंदी हटाए बिना कोई पूर्ण सीजफायर संभव नहीं है। ईरान ने कहा कि वह किसी भी दबाव का डटकर मुकाबला करेगा।
सीजफायर पर गतिरोध: ईरान का इनकार, ट्रंप ने शुक्रवार तक ‘अच्छी खबर’ का संकेत
ईरान ने अमेरिका के साथ पूर्ण सीजफायर से साफ इनकार कर दिया है। ग़ालिबाफ ने कहा कि नाकाबंदी बनी रही तो सीजफायर बेकार है। 22 अप्रैल को मूल सीजफायर की समयसीमा खत्म होने से पहले ट्रंप ने इसे बढ़ा दिया।
दूसरी ओर, ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि ईरान के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर की “अच्छी खबर” शुक्रवार तक आ सकती है। पाकिस्तान के माध्यम से चल रही मध्यस्थता में कुछ सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
क्या हो सकता है अब आगे?
बता दें कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है, जबकि तेहरान इसे युद्ध की तैयारी बता रहा है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन दोनों तरफ से बातचीत की संभावना अभी बाकी है।