दरअसल गुरुपूर्णिमा हमारे देश में मनाई जाने वाली रीतिरिवाजों से परिपूर्ण सीखने, सिखाने और समाज को शिक्षित कर दिशा देने वाली एक परम्परा को निभाने वाले व्यक्ति ही गुरु शिष्य के रूप में आज तक हमारे समाज मे इस परम्परा का निर्वाह करते चले आ रहे है। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के पर्व के रूप में मनाया जाता है।
गुरुपूर्णिमा के दिन से ऋतु परिवर्तन का आभास होने लगता है। इसलिए इस दिन को वायु दिशा को भांप कर आने वाली फसलों का अनुमान भी किया जाता है। इस दिन शिष्य अपने गुरु की विशेष रूप में पूजा अर्चना कर उनके प्रति आस्था एवं श्रद्धा व्यक्त करता है।
भारतीय वैदिक शास्त्रानुसार इस दिन महर्षि वेदव्यास का जन्म भी हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं। शिष्य इस दिन अपनी सारे अवगुणों को गुरु को अर्पित कर देता है और अपना समस्त प्रकार के भार को गुरु को समर्पित कर देता है। मानिये तो यह मात्र एक श्रद्धा विश्वास और वुश्वास मात्र विषय है।
वैसे तो सामान्यतः हम लोग शिक्षा प्रदान करने वाले व्यक्ति को ही गुरु समझते या कहते भी हैं, लेकिन वास्तव में पढ़ाई-लिखाई का ज्ञान देने वाले शिक्षकों को हम गुरु अवश्य कहते हैं लेकिन प्राचीन समय वैदिक कालानुसार आज के दौर की पढ़ाई लिखाई जैसी परिपाटी नही हुआ करती थी बल्कि उस समय वैदिक पठन-पाठन ही महत्वपूर्ण हुआ करता था जिसके कारण जन्म जन्मान्तर के संस्कारों से मुक्त कराके जो व्यक्ति ईश्वरीय सत्ता तक पहुंचने का मार्ग प्रसस्त करता था वही व्यक्ति गुरु कहलाने योग्य होता था लेकिन आज हम वर्तमान समय मे स्कूल कालेजों में पढ़ाने वाले व्यक्ति शिक्षकों को गुरु कहते हैं।
गुरु को हमारी संस्कृति में सदैव उच्च पदवी देते हुये उच्चासन दिया गया है कियूंकि गुरु चाहे पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र का ज्ञान देने वाला हो चाहे जीवन के कर्म क्षेत्र का वह गुरु ही कहलाता है। प्रत्येक गुरु के पीछे गुरु सत्ता के रूप में सर्वोच्च शक्ति विद्यमान रहती हैं। हमारे मस्तिष्क का संचालन कोई न कोई ऐसी शक्ति अवश्य करती है जो समय समय पर दशा दिशा निर्दिष्ट करती रहती है और वास्तव में कहा जाय तो वही हमारा गुरु है या गुरु कहलाने योग्य है।
- प्रस्तुति: जी के चक्रवर्ती








2 Comments
It?¦s actually a cool and helpful piece of info. I?¦m happy that you just shared this useful information with us. Please stay us up to date like this. Thanks for sharing.
I’m not that much of a internet reader to be honest but your blogs really nice, keep it up! I’ll go ahead and bookmark your site to come back later on. Cheers