लखनऊ, 26 जुलाई, 2021: उपभोक्ता परिषद ने कहा कि केंद्र सरकार देश की बिजली कपिनियों को घाटे से उबारने और एटीएनसी हानियों को कम कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए पंचवर्षीय सुधार योजना के तहत पूरे देश में वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक 303758 करोड़ खर्च करने जा रही दूसरी तरफ लोकसभा में निजीकरण को बढ़ावा देने के लिए विद्युत अधिनयम 2003 में संसोधन लाने की तैयारी है।
उपभोक्ता परिषद का कहना है कि जब सुधार कार्यक्रम चलाने के लिए इतना बड़ा खर्च किया जा रहा तो फिर निजीकरण को बढ़ावा नहीं देना चाहिए क्योंकि इससे एक तरह से निजी कम्पनियो को ही फायदा होगा। इसलिए केंद्र सरकार से उपभोक्ता परिषद् की मांग है कि निजीकरण को बढ़ावा देने वाले बिल को रोका जाना जनहित में होगा इसलिए जनहित में प्रदेश सरकार भी इस पर रोक की मांग करे।

उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर कहा कि अगर देश के ऊर्जा क्षेत्र में लाखो करोड़ो रुपया केंद्र सरकार खर्च करने जा रही फिर ऐसे में निजीकरण की बात करना पूरी तरह निजी घरानो को पिछले दरवाजे से फायदा पहुंचने की बात हो रही है जो देश के उपभोक्ताओ के हित में बिलकुल भी नहीं है ।
उन्होंने ऊर्जामंत्री को एक प्रस्ताव सौपते हुए कहा की केंद्र सरकार मौका दे उपभोक्ता परिषद् पूरे देश के ऊर्जा क्षेत्र को सरकारी क्षेत्र में जबाबदेही व कुछ कठोर कानून के आधार पर आत्म निर्भर बनाने की पूरी कार्ययोजना देने को तैयार है केंद्र चाहे तो उस पर खुली बहस भी ऊर्जा विशेसज्ञों के साथ करा सकती है।
उत्तर प्रदेश प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा उपभोक्ता परिषद की मांग पर विचार किया जायेगा।








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