- 3 मिनट के ऊपर जिला, तहसील व ग्रामीण के सभी फीडरों पर विद्युत व्यवधान की सूचना को बिजली कम्पनियेां को आयोग को सौंपना होगा जिसे केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा बाद में किया जायेगा प्रकाशित
- उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने नई व्यवस्था पर आयोग द्वारा रोड मैप तैयार करने को लेकर नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल से की मुलाकात
- आयोग अध्यक्ष का आश्वासन भारत सरकार के आदेश को लागू कराने के लिये आयेाग जल्द करेगा रोड मैप
- भारत सरकार द्वारा जारी आदेश विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 57 के तहत हुआ है जारी इसलिये भविष्य में अब उपभोक्ताओं को विद्युत व्यवधान पर हर हाल में कम्पनियों को देना होगा मुआवजा
लखनऊ 28 सितम्बर। केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण भारत सरकार की पावर फार आल विंग द्वारा अब प्रदेश की बिजली कम्पनियों के ऊपर जवाबदेही तय करने के लिये एक नयी व्यवस्था बनाने का आदेश दिया है। जिसके तहत सभी बिजली कम्पनियों को अब हर शहर, तहसील और जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लिये एक रिलायबिल्टी इंडेक्स जारी करना होगा जिसमें 3 मिनट, 5 मिनट व 10 मिनट के ऊपर सभी बिजली व्यवधान का ब्यौरा उसमें फीडर वाइज दर्ज होगा। जिसके लिये प्रदेश के विद्युत नियामक आयोगों को एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर बिजली कम्पनियों से पूरी सूचना तलब करनी होगी। और जिसे केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा आम जनता के लिये प्रकाशित भी किया जायेगा।
उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व सप्लाई कोड रिव्यू पैनल के सदस्य श्री अवधेश कुमार वर्मा ने आज इस मुददे पर भारत सरकार द्वारा जारी नयी व्यवस्था को लागू कराने के संबंध में आदेश की प्रति लेकर उप्र विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल से मुलाकात की और उनसे अविलम्ब एक कार्य येाजना भारत सरकार के आदेशानुसार तैयार करने की मांग उठायी। चूॅंकि यह पूरा आदेश भारत सरकार द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 57 बिजली कम्पनियों के परफारमेन्स के मानक के क्रम में लागू किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली व्यवधान को तय समय से न दूर करने पर मुआवजा भी देना होगा। और जो आसानी से उपभोक्ताओं को मिल सकेगा।
नियामक आयोग अध्यक्ष श्री एस के अग्रवाल ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को यह आश्वासन दिया कि केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के आदेश को लागू कराने के लिये जल्द ही नियामक आयोग द्वारा एक रोड मैप तैयार किया जायेगा और सभी बिजली कम्पनियों से 3 मिनट के ऊपर विद्युत व्यवधान की पूरी सूचना प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के तहत ग्रामीण, शहर, जिला मुख्यालय व तहसील स्तर की तलब की जायेगी।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि भारत सरकार के आदेशानुसार यह व्यवस्था वर्ष 2017-18 से ही लागू की जानी है। निश्चित तौर पर यह व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश की बिजली कम्पनियों की विद्युत आपूर्ति की सच्चाई का खुलासा होगा। और यह भी तय होगा कि प्रदेश की बिजली कम्पनियों की विद्युत आपूर्ति की क्वालिटी क्या है? देश के अनेकों राज्यों मे नियामक आयोग इसकी मानीटरिग कर रहा है अब उप्र का विद्युत नियामक भी इस पूरे मामले की मानीटरिंग करेगा।







