सिडबी ने की एमएसएमई और स्टार्ट-अप को गति प्रदान करने के लिए की गुरुग्राम में परामर्श बैठक
नई दिल्ली , 24 नवंबर 2023: सिडबी ने गुरुग्राम, हरियाणा में एक आउटरीच कार्यक्रम “एमएसएमई और स्टार्ट-अप स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन मीट” का आयोजन किया। कार्यक्रम में 350 से अधिक स्टार्टअप/एमएसएमई/लीड इंडस्ट्री एसोसिएशन/रेटिंग एजेंसियों और एमएसएमई के प्रति समर्थकों की ख़ास भागीदारी देखी गई। इसका उद्देश्य नए भारत के प्रति उनकी तैयारियों पर इनपुट प्राप्त करना था। इस दौरान एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई जिसमें स्टार्टअप, एमएसएमई, ई-मोबिलिटी ओईएम और सिडबी की डिजिटल पेशकश सहित एग्रीगेटर्स को प्रदर्शित किया गया।
इस मौके पर आईएएस विवेक जोशी, सचिव, डीएफएस, वित्त मंत्रालय मुख्य अतिथि थे और (आईएएस), सचिव, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय सुभाष चंद्र लाल दास सम्मानित अतिथि थे।
कार्यक्रम की शुरुआत मंथन सत्र से हुई, जिसमें प्रमुख उद्योग संघों ने एमएसएमई द्वारा क्रेडिट और गैर-वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण साझा किए। इस कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व राजीव चावला, राकेश छाबड़ा और जे पी मल्होत्रा ने किया।
उप. आयुक्त, गुरुग्राम श्री निशांत कुमार यादव ने सभा को संबोधित किया उन्होंने कहा कि गुरूग्राम के उद्यमशील लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपना लोहा मनवाया है और यह गति जारी रहनी चाहिए।
सिडबी के सीएमडी श्री शिवसुब्रमण्यम रमन ने कहा कि सचिव, डीएफएस और सचिव, एमएसएमई को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता है, जो देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। श्री रमन्न ने कहा कि हमारा जोर “डिजिटलीकरण” और “उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र को हरित बनाने” पर रहा है।
श्री रमन्न ने कहा कि सिडबी एमएसएमई को डिजिटल बनाने, उनके द्वारा वित्त तक पहुंच के साथ-साथ क्रेडिट पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने के लिए जीएसटी डेटा का लाभ उठाने पर काम कर रहा है। श्री रमन ने कहा कि भारत सरकार की अपेक्षा के अनुरूप सिडबी को एमएसएमई के लिए सबसे बड़े प्रत्यक्ष ऋणदाता के रूप में विकसित होना चाहिए, सिडबी ने ऐसी रणनीति बनाई है। इसमें ऐप आधारित, शाखा आधारित और सह-साझेदार आधारित ऋण शामिल हैं।







