ऊर्जा मंत्री का बिहार से हारना इस बात का सबूत जनता ने उनकी योजनाओं को नकारा, नई सरकार बनते ही सभी योजनाओं की समीक्षा की होगी मांग
लखनऊ, 06 जून : केंद्र सरकार ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही उत्तर प्रदेश में चाहे वह लगभग रुपया 13632 करोड की आरडीएसएस योजना हो चाहे वह लगभग 29619 करोड की स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने की योजना हो या फिर विदेशी कोयला खरीदने का मामला रहा हो या फिर केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सबसे ज्यादा अनेकों विषयों पर जारी किए जाने वाले रूल संबंधी मामले रहे हो केंद्र में नई सरकार बनते ही इन योजनाओं की पुनः समीक्षा होनी चाहिए इसमें से ज्यादातर योजनाएं देश के उपभोक्ताओं को लाभ देने वाली योजनाएं नहीं है बल्कि येन केन प्रकरण उपभोक्ताओं को परेशान करने वाली योजनाएं है।
देश के ऊर्जा मंत्री आरके सिंह जो बिहार आरा से अपना चुनाव हार गए हैं इससे या सिद्ध हो गया कि जब केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही योजनाएं देश व प्रदेश के उपभोक्ताओं को लुभा नहीं पाई देश के माननीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह का हारना इस बात का सबूत है कि जनता ने ऊर्जा मंत्रालय की योजनाओं को नकार दिया वास्तव में यदि ऊर्जा मंत्रालय की योजनाएं उपभोक्ता हित में होती जनता के हित में होती तो देश के ऊर्जा मंत्री को जनता सर पर बिठाती और वह भारी मतों से चुनाव जीतते।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा पिछले 5 वर्षों में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा चाहे वह विदेशी कोयला खरीद का मामला रहा हो चाहे वह स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को लगाने का मामला रहा हो चाहे वह आरडीएसएस योजना का मामला रहा हो चाहे वह अन्य योजना का मामला रहा हो या अनेकों रूल बनाने के मामले रहे हो उसे पर बडे पैमाने पर विवाद उठाता रहा और कहीं भी प्रदेश के उपभोक्ताओं वह देश के उपभोक्ताओं की सुनवाई व्यापक विरोध के बाद भी नही हुई इन सभी योजनाओं से सबसे ज्यादा लाभ देश व प्रदेश के उद्योगपतियों का हुआ ऊंची दरों पर उन्हें टेंडर मिले और क्वालिटी के नाम पर जो गुणवत्ता होनी चाहिए उसमें गिरावट पाई गई और उसका खामियाजा आज भी प्रदेश की जनता भुगत रही है इसलिए सभी योजनाओं की समीक्षा होना जरूरी है।







