नई दिल्ली, 6 जनवरी : जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खुले ऑफर को ठुकरा दिया जिसके बाद राज्य में सियासी पारा हाई हो गया है। राजद ने कहा है कि उन्हें बुला कौन रहा है तो बीजेपी और जदयू ने यह कहकर पलवार किया है कि लालू यादव डरे हुए हैं इसीलिए ऐसा ऑफर दे रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि नीतीश कुमार जब ना कहते हैं तो उसका मतलब ना नहीं होता है।

रविवार को नीतीश कुमार प्रगति यात्रा पर मुजफ्फरपर पहुंचे तो फिर कहा कि हम गलती दो बार उनके साथ चले गए थे। अब पुराने साथी के साथ आ गए हैं। अब उधर कभी नहीं जाएंगे। नीतीश के इस बयान पर राजद और कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस प्रवक्ता राजेश कुमार ने कहा है नीतीश कुमार जब विराम लगाते हैं तो समझिए कि अंगराई लेने वाले हैं। नीतीश जी जब कहें ना तो उसका मतलब ना नहीं होता है। यह बात सबको पता है कि इंडिया गठबंधन में आने पर कसम खाकर कहते हैं कि मिट्टी में मिल जाएंगे पर उधर नहीं जाएंगे। और फिर पलट भी जाते हैं।







