कोलकाता, 15 अक्तूबर। फीफा अंडर-17 विश्व कप के स्थानीय टूर्नामेंट निदेशक जेवियर सेप्पी ने आज कहा कि मैदान में दर्शकों की मौजूदगी के मामले में इस विश्व कप ने देश में 2011 में हुये आईसीसी विश्व कप को पीछे छोड दिया और अब अंडर-20 विश्व कप के अगले टूर्नामेंट की मेजबानी की दौड में भारत का दावा मजबूत हो गया।
ग्रुप चरण के 36 मैचों का जिक्र करते हुये सेप्पी ने कहा कि इन मैचों को मैदान में आठ लाख से ज्यादा दर्शकों ने देखा जो कि 2011 क्रिकेट विश्व कप से ज्यादा और चिली में हुये पिछले अंडर-17 विश्व कप से लगभग दोगुना है।
फीफा अंडर-20 विश्व कप की 2019 में भारत की मेजबानी के दावे पर उन्होंने कहा, भारत के लिये यह करो या मरो की स्थिति थी। अगर आप नतीजे नहीं देते दरवाजा हमेशा के लिये बंद हो जाता। अब दरवाजा खुला रहेगा। भविष्य में इसे कैसे करना है ये हमें देखना होगा।
सेप्पी ने कहा, इस समय हम मौजूदा विश्व कप में मैदान में दर्शकों की रिकॉड मौजूदगी के बारे में सोच रहे है। अगर 2011 में हुये क्रिकेट विश्व कप के पहले 36 मैचों से इसकी तुलना करें तो हम आगे हैं। जब से टूर्नामेंट शुर हुआ है लोगों में इसका जुनून है।
उन्होंने कहा , हमें लगता है कि फुटबाल की लोकप्रियता बढ रही है और यह सच्चाई है। दर्शक मैदान में आ रहे है। भारत के मैचों में दर्शकों की औसत संख्या 49,000 रही है जो बडी संख्या है।
कोलकाता में 66687 दर्शकों की क्षमता वाले साल्ट लेक स्टेडियन में 28 अक्तूबर को होने वाले फाइनल के सभी टिकट बिक गये हैं ।
सेप्पी ने कहा, फाइनल के लिये मेरे पास भी टिकट नहीं है । फाइनल के लिये गजब का जुनून है। मेरे पास भी उसके पास के लिये लगातार फोन आ रहे है। ये ऐसी समस्या है जिसका होना अच्छा है।







