गोंडा/ लखनऊ, 22 जून 2025: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सनौली गांव में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। घाघरा नदी में भैंस नहलाने गए 13 वर्षीय बच्चे को मगरमच्छ ने अपना शिकार बना लिया। मगरमच्छ ने बच्चे पर अचानक हमला कर उसे नदी की गहराई में खींच ले गया। स्थानीय लोगों और परिजनों की तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
मिली जानकारी के अनुसार, बच्चा, जिसकी पहचान राजा बाबू यादव के रूप में हुई, दोपहर बाद अपने मवेशियों को नहलाने के लिए सनौली मोहम्मदपुर के पास घाघरा नदी (जिसे स्थानीय स्तर पर सरयू नदी भी कहा जाता है) में गया था। इसी दौरान वहां पहले से मौजूद मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया और उसे खींचकर नदी की गहराई में ले गया। घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ की ताकत के आगे वे असफल रहे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से बच्चे की तलाश शुरू की गई, और नदी में जाल डालकर खोजबीन की जा रही है। हालांकि, अभी तक बच्चे का शव बरामद नहीं हो सका है। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) राजीव मोहन भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
गोंडा पुलिस ने बयान जारी कर कहा थाना उमरी बेगमगंज पुलिस द्वारा मौके पर वन विभाग व गोताखोरों के मदद से नदी में युवक की तलाश की जा रही है। कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।
स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घाघरा नदी में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है, लेकिन वन विभाग ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मगरमच्छों को पकड़ने और नदी के किनारे सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। साथ ही, लोगों से नदी किनारे सावधानी बरतने की अपील की गई है।
बता दें कि यह घटना क्षेत्र में मगरमच्छों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। हाल के वर्षों में घाघरा और सरयू नदी में मगरमच्छों की संख्या में वृद्धि देखी गई है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन और वन विभाग को इस समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके। इस हृदयविदारक घटना से सनौली गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में मातम का माहौल है।







