तेहरान/तेल अवीव, 24 जून 2025 : इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है। इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने सोमवार, 23 जून 2025 को तेहरान और करज में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालयों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप IRGC का करज मुख्यालय और तेहरान में थार-अल्लाह मुख्यालय पूरी तरह नष्ट हो गया। इस हमले ने मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।
इजरायली हमले की तीव्रता में क्या हुआ?
IDF ने 50 से अधिक F-35I ‘Adir’ फाइटर जेट्स के साथ 100 से ज्यादा मुनिशन्स का इस्तेमाल कर IRGC के कमांड सेंटर, बासिज मुख्यालय, और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने दावा किया कि इन हमलों में सैकड़ों IRGC सैनिक मारे गए, जिसमें ईरान के सैन्य खुफिया प्रमुख और कई वरिष्ठ कमांडर शामिल हैं।
नुकसान का दायरा: समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेहरान और करज में IRGC मुख्यालयों के मलबे में तब्दील होने की तस्वीरें सामने आई हैं। यह हमला ईरान की सैन्य क्षमता पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है। बता दें कि हाल की रिपोर्टों का दावा है कि 23 जून, 2025 को इजरायली हमलों ने इस सुविधा को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें इजरायल ने महत्वपूर्ण हताहतों का आरोप लगाया, जबकि ईरानी मीडिया ने भौतिक क्षति की पुष्टि की,लेकिन व्यापक प्रभावों को कम करके आंका गया जबकि नुकसान ज्यादा हुआ है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: IRGC ने जवाब में कतर में अमेरिकी अल-उदैद सैन्य अड्डे और इजरायल में मोसाद व सैन्य खुफिया केंद्रों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए। ईरानी सेना के नए चीफ मेजर जनरल अमीर हातामी ने इजरायल और अमेरिका को “करारा जवाब” देने की चेतावनी दी है।
युद्धविराम पर संदेह: हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार सुबह 4 बजे (तेहरान समय) से युद्धविराम की घोषणा की थी, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। इस हमले के बाद युद्धविराम की संभावना कमजोर पड़ती दिख रही है।
वैश्विक स्तर पर हलचल मची :
इस हमले ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 9% से अधिक की उछाल आई है, जो भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए चिंता का विषय है। रूस, चीन, और संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की है, लेकिन स्थिति अभी भी विस्फोटक बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर हलचल:
एक्स पर वायरल पोस्ट्स में IRGC मुख्यालयों के मलबे की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कई यूजर्स इसे इजरायल की सैन्य ताकत का प्रदर्शन बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे क्षेत्रीय युद्ध को भड़काने वाला कदम मान रहे हैं।
ईरान के लिए बड़ा झटका:
IRGC मुख्यालयों का विनाश ईरान के लिए बड़ा झटका है, लेकिन जवाबी हमलों और बढ़ते तनाव के बीच मध्य पूर्व में शांति की राह मुश्किल नजर आ रही है। वैश्विक समुदाय इस क्षेत्र में स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज करने की मांग कर रहा है।
फिर युद्धविराम की घोषणा का क्या अर्थ रहा
युद्धविराम की घोषणा कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिश थी, लेकिन दोनों पक्षों का अविश्वास, अस्पष्ट शर्तें, और लगातार हमलों ने इसे अप्रभावी बना दिया। IRGC मुख्यालयों का विनाश और बीयर शेवा हमले जैसे घटनाक्रम दिखाते हैं कि मध्य पूर्व में शांति अभी दूर है। वैश्विक समुदाय को ठोस कूटनीति और विश्वास-निर्माण के लिए और प्रयास करने होंगे।







