लखनऊ, 1 अक्टूबर 2025: उत्तर प्रदेश के लखनऊ लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज टीईटी (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) प्रकरण को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने रक्षा मंत्रालय के जिला प्रतिनिधि राघवेंद्र शुक्ला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ लखनऊ के नेतृत्व में तैयार किया गया था, जिसमें 29 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट दिलाने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की जाए या विधायी शक्तियों का उपयोग कर शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में संशोधन किया जाए। इसका उद्देश्य 2011 से पहले नियुक्त अनुभवी शिक्षकों की नौकरी, सेवा-सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखना है। संघ के अध्यक्ष सुधांशु मोहन की अगुवाई में सौंपे गए इस ज्ञापन में सांसद श्री सिंह से संसद में इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाने का अनुरोध किया गया।

माननीय सांसद राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर शिक्षकों को आश्वासन दिया कि वे इस प्रकरण को जल्द निस्तारित कराने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षकों की योग्यता और वर्षों की सेवा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह आश्वासन शिक्षक समुदाय के लिए उत्साहजनक साबित हुआ।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति: ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह, जिला कोषाध्यक्ष फहीम बेग, नगर अध्यक्ष संदीप सिंह, मलिहाबाद अध्यक्ष अवधेश कुमार, काकोरी अध्यक्ष अजय सिंह, मोहनलालगंज अध्यक्ष आलोक शुक्ला, नगर मंत्री अभय प्रकाश, सरोजनी नगर मंत्री धीरेंद्र कुमार, गोसाईगंज मंत्री अतीश कुमार, माल मंत्री जितेंद्र कुमार, मोहनलालगंज मंत्री राम शंकर शुक्ला, चिनहट मंत्री प्रमोद कुमार त्रिपाठी, मोहनलालगंज कोषाध्यक्ष प्रेम कुमार, गोसाईगंज कोषाध्यक्ष हसीन अहमद, मलिहाबाद कोषाध्यक्ष धीरज सिंह, सरोजिनीनगर कोषाध्यक्ष जगत नारायण, नगर कोषाध्यक्ष अब्बास रजा जैदी, शैलेंद्र सिंह, जान्हवी शरण सिंह, अमरेश कुमार, हिमांशु श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।
बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले से देशभर के करीब 98 लाख शिक्षक प्रभावित हुए हैं, जो टीईटी को सभी सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य ठहराते हैं। उत्तर प्रदेश में ही लाखों प्राथमिक शिक्षक इस फैसले से चिंतित हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बेसिक शिक्षा विभाग को इस आदेश पर रिवीजन दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, जो शिक्षकों के आंदोलन को मजबूती प्रदान कर रहा है।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है, जबकि 3 से 10 अक्टूबर तक स्थानीय स्तर पर आंदोलन की योजना है।







