17 जनवरी से वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विवि में होगा अधिवेशन, बनेगी नई कार्यकारिणी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ की बैठक लखनऊ विवि में हुई, जिसमें कर्मचारियों ने राज्यकर्मियों की भांति राज्य सरकार सेवा निवृत्ति उपरांत अवकाश नकदीकरण की अनुमान्यता प्रदान किये जाने की मांग की। इसके साथ ही महासंघ का अधिवेशन संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी में करने का फैसला लिया गया। इस संबंध में महासंघ के महामंत्री रिंकू राय ने बताया कि यह अधिवेशन 17 और 18 जनवरी को होगा।
रिंकू राय ने रविवार को पारित हुए प्रस्तावों के बारे में बताया कि वाराणसी में होने वाले अधिवेशन में ही पदाधिकारियों का चुनाव भी होगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार से मांग की गयी कि राज्यविश्वविद्यालय कर्मचारियों को भी राज्यकर्मियों की भांति राज्यसरकार सेवा निवृत्ति उपरांत अवकाश नकदीकरण की अनुमान्यता प्रदान करे। प्रदेश सरकार जिस प्रकार अन्य सरकारी कर्मियों को कैशलेश की सुविधा प्रदान किये है उसी प्रकार विश्वविद्यालय कर्मचारियों को भी कैशलेश की सुविधा प्रदान करे। इसके अतिरिक्त अन्य मांगों में विश्वविद्यालय कर्मचारियों की सेवा नियमावली बनाई जाए, दैनिक वेतन , संविदा कर्मियों को भी विनियमित किया जाए। कोरोना काल में रुके सभी भत्तों को बहाल किया जाए, कार्यपरिषद सहित विभागीय समितियों में कर्मचारी प्रतिनिधि रखा जाय। राज्यविश्वविद्यालय कर्मचारियों को राज्यकर्मियों की भांति सभी भत्ते प्रदान किया जाए।
बैठक महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें आगरा विश्वविद्यालय, बरेली विश्वविद्यालय सहित कानपुर , लखनऊ, मेरठ, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय , गोरखपुर , महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, अयोध्या विश्वविद्यालय के पदाधिकारी सम्मिलित रहे।







