जयपुर, 22 दिसम्बर 2025। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आज अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, हमारी पहचान है। मैं सभी को विश्वास दिलाता हूं कि अरावली पूरी तरह सुरक्षित है। इससे कोई छेड़छाड़ नहीं होगी।” यह बयान सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा और खनन संबंधी विवाद के बीच आया है, जहां अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने की बात हो रही है।
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उधर, सोशल मीडिया यूजर अक्की सेहरा (@Akkisehra ) ने CM के इसी पोस्ट पर सवाल उठाते हुए लिखा, “माननीय CM साहब, क्यों राजस्थान की जनता को बेघर करने पर तुले हो? अगर आपकी बातों में सच्चाई है तो डूंगरी बंद को रद्द करवाओ। टाइगर प्रोजेक्ट के तहत करौली-धौलपुर के जल, जंगल, जमीन से लोगों को बेदखल किया जा रहा है, इस फैसले को भी रद्द करवाएं।” यह सवाल करौली-धौलपुर क्षेत्र में प्रस्तावित टाइगर रिजर्व (संभवतः रामगढ़ विषधारी या नए प्रोजेक्ट) से जुड़े गांवों के विस्थापन से संबंधित है, जहां स्थानीय लोग बेदखली की आशंका जता रहे हैं।

हीरेन्द्र कौशिक ने लिखा : बहुत लोग डर फैला रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा है कि अवैध खनन पर सख्ती और बढ़ेगी।
अरावली विवाद पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी सफाई दी है कि 90% से अधिक क्षेत्र सुरक्षित रहेगा और केवल सीमित हिस्से में ही खनन संभव है। हालांकि, पर्यावरणविद और विपक्षी दल इसे अपर्याप्त बता रहे हैं। यह मुद्दा राजस्थान की पर्यावरण नीति और स्थानीय जनता के हितों के बीच संतुलन की परीक्षा ले रहा है।






