गोरखपुर। व्यस्त मुख्यमंत्री की दिनचर्या में भी गोसेवा का स्थान सबसे ऊपर! मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के बाद योगी आदित्यनाथ सीधे गोशाला पहुंचे जहां स्नेह की बरसात हुई।
श्यामा, गौरी, गंगा, भोला… नामों से पुकारते ही गोवंश दौड़ते-कूदते उनके पास आ गए। मुख्यमंत्री ने हर एक को प्यार भरी थपकियां दीं, माथे पर हाथ फेरा और खुद हाथों से गुड़-रोटी खिलाई। खासकर भोले नामक विशाल नंदी पर उनका विशेष स्नेह! पहले उन्होंने अपने हाथों से उसके शरीर की जमी धूल-मिट्टी साफ की, फिर कार्यकर्ताओं को सूखे कपड़े से पोछने का निर्देश दिया।
न सिर्फ गायें-बैल, बल्कि एक मोर को भी रोटी खिलाकर योगी ने अपना स्नेह बिखेरा। गोशाला कर्मचारियों को उन्होंने गोवंश की बेहतर देखभाल के सख्त निर्देश दिए क्योंकि उनके लिए गोमाता सिर्फ पूजनीय नहीं, परिवार का हिस्सा है।
जब राजनीति और सत्ता की भागदौड़ में लोग थक जाते हैं, तब योगी की यह सादगी और गोसेवा का जज्बा लाखों दिलों को छू जाता है। एक मुख्यमंत्री जो सुबह पूजन करता है, जनसेवा करता है और फिर गोवंश को दुलारता है यही है असली ‘जन-कल्याण’ की मिसाल!







