अनियंत्रित फीस वृद्धि और किताबों की लूट पर लगाम लगाने की अपील
लखनऊ, 20 : रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आ॰) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने निजी स्कूलों में चल रही मनमानी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिक्षा माफियाओं के सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने की मांग की है।
नए सत्र में ‘लूट’ का आरोपपवन भाई गुप्ता ने आरोप लगाया कि नए शैक्षणिक सत्र के नाम पर निजी संस्थान अभिभावकों की जेब लूट रहे हैं। स्कूल और प्रकाशकों का गठजोड़ हर साल किताबें बदलकर कृत्रिम संकट पैदा करता है, जिससे गरीब-मध्यम वर्ग पुरानी किताबें इस्तेमाल नहीं कर पाते।
मुख्य मांगें और सुझाव
- किताबें 3-5 साल तक न बदलने का सख्त नियम लागू हो, ताकि सेकंड-हैंड किताबों का उपयोग संभव हो।
- स्कूलों द्वारा निर्धारित दुकानों से ही ड्रेस-स्टेशनरी खरीदने के दबाव को ‘गुंडागर्दी’ बताते हुए तुरंत रोक लगाई जाए।
- जिला स्तर पर स्कूलों का ऑडिट हो और उल्लंघन पर मान्यता रद्द की जाए।
- आरटीई की तर्ज पर मध्यम वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में 15-20% रियायती सीटें आरक्षित हों।
कड़ी चेतावनी और उम्मीद
पवन ने चेतावनी दी कि सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले स्कूलों पर सिर्फ कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर कड़ा जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इन माफियाओं के चंगुल से मुक्त होगा और शिक्षा सबके लिए सुलभ बनेगी।
बता दें कि अभिभावकों की परेशानी को देखते हुए यह पत्र शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता और नियंत्रण की मांग को और तेज कर रहा है। क्या योगी सरकार जल्द कोई बड़ा कदम उठाएगी?







