गोरखपुर (सहजनवा): एक गलत सूचना ने 16 साल की मेधावी छात्रा आराध्य दुबे की जिंदगी को हमेशा के लिए छीन लिया। सीबीएसई हाईस्कूल रिजल्ट आने के कुछ घंटों में ही तिलौरा गांव के एक घर की खुशियां मातम में बदल गईं।
गलतफहमी ने लिया घातक फैसला
तिलौरा निवासी दुर्गेश धर दुबे की बेटी आराध्य सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ती थी। बुधवार को रिजल्ट घोषित होते ही किसी परिचित ने उसे बताया कि वह फेल हो गई है। मेहनत के बावजूद फेल होने की खबर सुनकर किशोरी गहरे अवसाद में चली गई। घर पर मां और भाई के न होने का फायदा उठाकर उसने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया।
पास होने की खुशखबरी आई, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी
जहर खाने के कुछ ही देर बाद आराध्य के भाई तनिष्क ने फोन कर खुशखबरी दी “बहन, तू फेल नहीं हुई, 78 प्रतिशत अंकों से शानदार पास हुई है!”
सच जानते ही आराध्य के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत दादी को सब बता दिया। पिता दुर्गेश ने उसे तुरंत सीएचसी ठर्रापार ले जाया, जहां से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही आराध्य ने आखिरी सांस ली।
पिता की हैरान करने वाली हरकत
घर लौटने पर कोहराम मच गया। पिता ने शव को कार में लॉक कर दिया। जब मां अंकिता मायके से वापस आईं तो पिता ने छिपाते हुए कहा, “आराध्य सो रही है।” मां के हंगामे के बाद जब कार का लॉक खोला गया तो बेटी का शव देखकर पूरे परिवार के होश उड़ गए।
दुखद संदेश: यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि गलत सूचना और अफवाह कितनी खतरनाक हो सकती है। छात्र-छात्राओं में परीक्षा के दबाव के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल की भी जरूरत है। परिवार और स्कूलों को बच्चों को सही जानकारी और भावनात्मक सहारा देने पर ध्यान देना चाहिए।
आराध्य जैसी कई प्रतिभाएं छोटी-छोटी गलतफहमियों का शिकार हो रही हैं। समय रहते जागरूकता ही ऐसी त्रासदियों को रोक सकती है।







