गुवाहाटी: अपोलो हॉस्पिटल्स, गुवाहाटी ने उत्तर-पूर्व भारत में पहली बार मायक्लिप (MitraClip) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देकर कार्डियक केयर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह मिनिमली इनवेसिव तकनीक दिल की गंभीर समस्या वाले उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है।
क्या है मायक्लिप प्रक्रिया?
यह ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (TEER) थेरेपी है, जिसमें बिना बड़े ऑपरेशन के दिल की मिट्रल वॉल्व की गंभीर रिगर्जिटेशन (Mitral Regurgitation) का इलाज किया जाता है। प्रक्रिया के दौरान क्लिप की मदद से वॉल्व के दोनों पत्तों को जोड़ा जाता है, जिससे खून का रिसाव रुक जाता है।अस्पताल ने बताया कि जटिल स्थिति वाले एक मरीज पर यह प्रक्रिया पूरी की गई। पूरी तरह सुरक्षित और सफल ऑपरेशन के बाद मरीज को स्थिर हालत में डिस्चार्ज कर दिया गया।
डॉक्टर का नेतृत्व और उपलब्धि
डॉ. रितुपर्णा बरुआ (सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एवं हेड ऑफ डिपार्टमेंट – कार्डियोलॉजी) ने पूरी टीम का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा:
“मायक्लिप प्रक्रिया की शुरुआत न केवल अपोलो हॉस्पिटल्स गुवाहाटी के लिए, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र और देश के लिए गर्व का पल है। यह उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए मिनिमली इनवेसिव कार्डियक थेरेपी के विस्तार को दर्शाता है। हमने भारत को हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ाया है।”
क्यों खास है यह उपलब्धि?
- उत्तर-पूर्व भारत में पहली मायक्लिप प्रक्रिया
- भारत में विकसित डिवाइस का उपयोग, जो देश की तकनीकी प्रगति को दिखाता है
- ओपन हार्ट सर्जरी का विकल्प, कम जोखिम और तेज रिकवरी
- अब उत्तर-पूर्व के मरीजों को दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत नहीं – विश्वस्तरीय इलाज घर के पास उपलब्ध
अपोलो हॉस्पिटल्स गुवाहाटी ने इस सफलता के साथ दिल की बीमारियों के आधुनिक इलाज में नया बेंचमार्क स्थापित कर दिया है। आने वाले समय में और भी कई मरीजों को इस उन्नत थेरेपी का लाभ मिल सकेगा।स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की एक और बड़ी जीत!







