बाराबंकी : जिला मुख्यालय पर पेंशनरों ने मंगलवार को गन्ना दफ्तर परिसर में बड़ा धरना प्रदर्शन किया। सुबह से ही अलग-अलग इलाकों से बुजुर्ग पेंशनर पहुंचने लगे और दिन चढ़ने तक बड़ी संख्या में लोग जुट गए। गर्मी के बावजूद प्रदर्शन में खासा उत्साह दिखा।
धरने की अगुवाई कर रहे पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बाबू लाल वर्मा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में लाया जाए और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए।
सभा के दौरान पेंशनरों ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई। कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मंच से अपनी बात रखी। लंबे समय तक चले संबोधनों के बाद 10 सूत्रीय प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया, जिसे मौके पर मौजूद जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंप दिया गया। पेंशनरों की प्रमुख मांगों में वित्त विधेयक 2025 में तिथि के आधार पर भेद खत्म करना, ओपीएस बहाल करना, कोरोना काल के 18 महीने के डीए और डीआर का बकाया भुगतान, पेंशन पर आयकर छूट और वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में राहत शामिल हैं। इसके अलावा आयुष्मान योजना में इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख करने, 65 साल के बाद हर पांच साल में पेंशन बढ़ाने और महंगाई भत्ता 50 फीसदी से ऊपर होने पर उसे पेंशन में जोड़ने की मांग भी उठाई गई।
धरना खत्म होने पर जिलाध्यक्ष ने सभी का आभार जताया, जिसके बाद नारेबाजी के बीच कार्यक्रम समाप्त हुआ। धरने में माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष एसपी सिंह, सीनियर बेसिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष राम विलास वर्मा, पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला मंत्री अशोक सोनी, ओम प्रकाश वर्मा, सुरेश चन्द्र श्रीवास्तव, मुन्नी सिंह, सुशीला बाजपेई, जेएन रावत, सर्वजीत यादव, सुरेन्द्र कुमार वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता, चन्द्र शेखर वर्मा, राधेश्याम वर्मा, राम गोपाल चौधरी, डॉ राम शरण शुक्ला, लालजी वर्मा समेत कई लोग मौजूद रहे।







