नशा, शक और पारिवारिक तनाव बने वजह; दोनों मामलों में पिता गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दो अलग-अलग जिलों से आई दिल दहला देने वाली घटनाओं ने रिश्तों को झकझोर कर रख दिया है। कानपुर नगर और बदायूं में पिता ही अपने मासूम बच्चों के कातिल बन बैठे। दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और जांच में नशे की लत, शक और घरेलू कलह अहम कारण के रूप में सामने आए हैं।
कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में रविवार को शशि रंजन मिश्रा ने अपनी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों बच्चियां कक्षा पांच की छात्राएं थीं। घटना के समय आरोपी घर में ही मौजूद मिला और पुलिस ने मौके से ही उसे पकड़ लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर शक करता था और शराब के नशे में अक्सर विवाद करता था।
बदायूं में बेटे को मार फंदे से लटकाया
वहीं, बदायूं के सहसवान क्षेत्र के तिगरा गांव में विजय सिंह ने अपने 10 वर्षीय बेटे विशाल उर्फ गोपाल की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। बाद में मामा की तहरीर और पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। जांच में सामने आया कि वह जुए और शराब की लत में डूबा था और घरेलू तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और असंतुलन क्यों इतनी खतरनाक दिशा ले रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि नशा, अविश्वास और संवाद की कमी परिवारों को तोड़ रही है, जिसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
क्यों टूट रहे रिश्ते?
तनाव, नशा और संवादहीनता बना रहे खाई : आज परिवारों में बढ़ती दरारें एक गंभीर सामाजिक चिंता बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आर्थिक दबाव, नशे की लत, आपसी अविश्वास और संवाद की कमी रिश्तों को अंदर से कमजोर कर रहे हैं। छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता तनाव और गुस्सा जब काबू से बाहर हो जाता है, तो हालात खतरनाक मोड़ ले लेते हैं।
ऐसे समय में संवाद, धैर्य और समय पर सलाह या मदद लेना रिश्तों को संभालने के लिए बेहद जरूरी है, ताकि परिवार सुरक्षित और मजबूत बने रहें।






