बाबासाहेब के आदर्शों से सशक्त हो रहा भारत
लखनऊ/प्रयागराज : बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार बाबासाहेब के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने सामाजिक न्याय को नई दिशा देने का दावा किया।
बाबासाहेब के आदर्शों से सशक्त हो रहा भारत
शिक्षा निदेशालय प्रांगण, प्रयागराज में डॉ. अंबेडकर और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने के बाद उप मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबासाहेब केवल संविधान के निर्माता नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के महानायक थे। उन्होंने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को सम्मान व अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
श्री मौर्य ने बाबासाहेब के प्रसिद्ध मंत्र “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि इन आदर्शों को अपनाकर ही हम एक समतामूलक और सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं।
वंचितों के उत्थान पर जोर : उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार बाबासाहेब के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।
इनमें आवास, शौचालय, मुफ्त राशन, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा, छात्रवृत्ति और स्वरोजगार योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास बाबासाहेब के उस सपने को साकार कर रहे हैं जिसमें हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन मिले।
सामाजिक समरसता का संदेश : श्री मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार कर रही है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर चलते हुए सरकार सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने सभी से आह्वान किया कि बाबासाहेब के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में समानता, भाईचारा और समरसता को बढ़ावा दें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
प्रमुख लोग रहे मौजूद : विधायक गुरु प्रसाद मौर्य, हर्षवर्धन बाजपेयी, पियूष रंजन निषाद, महापौर गणेश केसरवानी, विधान परिषद सदस्य सुरेंद्र चौधरी, राजेश शुक्ल, निर्मला पासवान सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक। यह कार्यक्रम बाबासाहेब के विचारों को जीवंत रखने और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है।






