लोकधन का सजग संरक्षक विभाग पूरा हुआ एक सदी का सफर, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना बोले- कर्तव्यनिष्ठा और समय प्रबंधन ही सफलता की असली कसौटी
लखनऊ : एक सदी पहले शुरू हुई एक महत्वपूर्ण संस्था आज अपनी शताब्दी मना रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय समागार में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया।
1 अप्रैल 1926 को स्थापित यह विभाग पिछले 100 वर्षों से राज्य के नगर निकायों, स्वायत्त संस्थाओं और सहायता प्राप्त संस्थाओं की लेखा-परीक्षा (ऑडिट) कर लोकधन की सुरक्षा और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करता आ रहा है।
समारोह में मुख्य अतिथि वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने विभाग की एक सदी की गौरवपूर्ण यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा कि यह विभाग लोकधन का सजग संरक्षक है। डिजिटल युग में विभाग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पेपरलेस ऑडिट और आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया गया।
वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा: “कर्तव्यनिष्ठा और समय प्रबंधन ही किसी भी संस्था या व्यक्ति की सफलता की असली कसौटी है।”
समारोह के दौरान विभाग की स्मारिका, आधिकारिक वेबसाइट और शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जारी विशेष डाक आवरण (Special Cover) का भव्य लोकार्पण किया गया। विभाग ने शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने के लिए पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण, वस्त्र वितरण और जन-संवाद जैसे जनहितकारी कार्यक्रम भी आयोजित किए।
कार्यक्रम में पंकज गुप्ता, चीफ पोस्टमास्टर जनरल उत्तर प्रदेश, विभाग के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह शताब्दी समारोह न सिर्फ पिछले 100 वर्षों की उपलब्धियों को याद करने का अवसर था, बल्कि भविष्य में और अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और जवाबदेह वित्तीय प्रणाली बनाने का नया संकल्प लेने का भी मौका था।
एक सदी का सफर…: जो शुरू हुआ था लोकधन की रक्षा के लिए, आज भी उसी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है।







