स्काईरूट एयरोस्पेस का विक्रम-1 बना देश का पहला निजी कक्षीय रॉकेट, तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने दिखाई हरी झंडी
मुंबई/हैदराबाद : भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित देश का पहला निजी कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ अब प्रक्षेपण के लिए तैयार है।
रॉकेट को औपचारिक रूप से श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की ओर रवाना कर दिया गया। इस ऐतिहासिक मौके पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कंपनी के हैदराबाद स्थित मैक्स-क्यू कैंपस से रॉकेट को हरी झंडी दिखाई।
मुख्यमंत्री ने रॉकेट के स्पेस-रेडी पेलोड फेयरिंग को फ्लैग-ऑफ किया, जो उड़ान के दौरान उपग्रहों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस अवसर पर राज्य के आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इसे तेलंगाना के एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए “मील का पत्थर” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्पेस इकोसिस्टम बनाने और युवाओं को कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और सीईओ पवन कुमार चंदाना ने कहा कि विक्रम-1 का मिशन वैश्विक बाजार में ऑन-डिमांड सैटेलाइट लॉन्च सेवाएं सुलभ बनाना है। रॉकेट के सभी प्रमुख परीक्षण पूरे हो चुके हैं और उसके प्रोपल्शन चरण पहले ही श्रीहरिकोटा पहुंच चुके हैं।
यह प्रक्षेपण भारत को निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण के विश्व मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। ‘विक्रम-1’ के सफल लॉन्च के साथ अब भारत के निजी स्पेस स्टार्टअप्स के लिए नई संभावनाओं का द्वार खुलने जा रहा है।
‘स्पेस में भारत की नई उड़ान’ – विक्रम-1 वाकई निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।







