कल्याण (महाराष्ट्र): रेलवे की देरी की सजा यात्री को क्यों? इस सवाल ने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया है। एक युवक ने अपनी परेशानी का वीडियो शेयर करते हुए बताया कि वह परिवार को ट्रेन में बिठाने कल्याण रेलवे स्टेशन गया था, लेकिन रेलवे की लेटलतीफी के कारण उसे 500 रुपये का जुर्माना भरना पड़ा।
क्या था पूरा मामला?
युवक के अनुसार, ट्रेन दोपहर 12 बजे की थी, लेकिन उसे बताया गया कि ट्रेन 2 बजे आएगी। उसने प्लेटफॉर्म टिकट लिया और परिवार के साथ इंतजार किया। ट्रेन और लेट होती रही। शाम करीब 5 बजे जब वह परिवार को ट्रेन में बिठाकर वापस लौट रहा था, तब टीटीई ने उसे रोका। प्लेटफॉर्म टिकट 2 घंटे बाद एक्सपायर हो जाने का हवाला देते हुए 500 रुपये का जुर्माना लगा दिया गया।
युवक ने सवाल उठाया, “ट्रेन रेलवे की वजह से कई घंटे लेट हुई, तो इंतजार की जिम्मेदारी कौन लेगा? मैंने वैध टिकट लेकर परिवार को छोड़ा, फिर भी सजा मिली।”
सोशल मीडिया पर लोगों ने उठाए सवाल :
- जय चौधरी: “टिकट वैध था और देरी रेलवे की थी, तो जुर्माना उचित नहीं। नियमों के साथ परिस्थितियों को भी देखना चाहिए।”
- अमित तोमर: “सिस्टम की गलती पर आम आदमी पर जुर्माना क्यों?”
- दीना देवी: “ट्रेन लेट करने में यात्री की क्या गलती? ये दादागिरी नहीं चलेगी।”
- सत्य बात : कमाल का नियम है! ट्रेन 12 की जगह शाम 5 बजे आए, तो रेलवे पर कोई जुर्माना नहीं। लेकिन परिवार को बैठाने आया लड़का अगर उसी प्लेटफॉर्म पर इंतज़ार करे, तो ₹500 फाइन! गलती रेलवे की, सज़ा जनता को? प्लेटफॉर्म टिकट टाइम पर एक्सपायर होता है, काश ट्रेनें भी टाइम पर आ जातीं!
बता दें कि यह घटना रेलवे के नियमों और वास्तविक परिस्थितियों के बीच के अंतर को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले में रेलवे से जवाब मांग रहे हैं और ऐसी स्थितियों में यात्री-अनुकूल नीति बनाने की मांग कर रहे हैं।
वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/Pride_sanatan/status/2065040502467277072/video/1
देखने वाली बात है कि क्या रेलवे अब इस मुद्दे पर कोई स्पष्टीकरण या राहत देगा? यह देखना दिलचस्प होगा।






