लखनऊ, 18 जून 2026 : लखनऊ की यातायात व्यवस्था को भारी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सांसद श्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर शहीद पथ के ऊपर एलीवेटेड कॉरिडोर बनाने का अनुरोध किया है।
शहीद पथ: लखनऊ की लाइफलाइन अब जाम की शिकार
शहीद पथ शहर की प्रमुख उत्तर-दक्षिण ट्रैफिक आर्टरी है। राजनाथ सिंह ने पत्र में लिखा है कि इस मार्ग पर वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया है कि रोजाना भीषण जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं।
वर्ष 2001 में जब इस मार्ग की घोषणा हुई थी, तब लखनऊ की आबादी करीब 22 लाख थी और रजिस्टर्ड वाहन मात्र 5 लाख थे। आज आबादी 45 लाख पहुंच गई है और वाहनों की संख्या बढ़कर 29 लाख हो गई है। इस भारी वृद्धि के कारण सड़क पर वाहनों का घनत्व चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है।
अटल जी के समय की विरासत, अब नई जरूरतर
ajnath सिंह ने याद दिलाया कि वर्ष 1999-2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संसदीय क्षेत्र में उन्होंने ही भूतल परिवहन मंत्री रहते हुए लखनऊ-कानपुर, कानपुर-रायबरेली, लखनऊ-सुलतानपुर और लखनऊ-अयोध्या को जोड़ने वाले इस 24 किलोमीटर लंबे लिंक को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया था।
1981 के मास्टर प्लान के अनुसार सिर्फ 4 लेन का प्रावधान था, उसी पर निर्माण हुआ। लेकिन मार्ग के दोनों ओर तेजी से आवासीय और व्यावसायिक विकास हुआ, जिससे नया लखनऊ उभरा और रोजगार के नए अवसर बने।
गडकरी जी ने भी जताई थी चिंता
पत्र में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि हाल ही में सीतापुर हाईवे पर भिटौली क्रॉसिंग फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में नितिन गडकरी ने खुद शहीद पथ पर लगातार जाम और दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने भी एलीवेटेड कॉरिडोर की आवश्यकता पर जोर दिया था।
cloverleaf इंटरसेक्शन की मांग
राजनाथ सिंह ने अनुरोध किया है कि एलीवेटेड कॉरिडोर की डिजाइन में हाईकोर्ट के समीप कमता चौराहे पर क्लोवरलीफ इंटरसेक्शन का प्रावधान किया जाए, जहां सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम की समस्या है। चूंकि सड़क के दोनों ओर अब विस्तार के लिए जगह नहीं बची है, इसलिए ऊपर एलीवेटेड कॉरिडोर बनाना ही एकमात्र व्यावहारिक समाधान है।
फ़िलहाल यह विकास लखनऊ के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई जा रही है।







