आउटसोर्सिंग व्यवस्था के शोषण और भ्रष्टाचार की एक चौंकाने वाली घटना
बरेली (उत्तर प्रदेश), 23 जून 2026: आउटसोर्सिंग व्यवस्था के शोषण और भ्रष्टाचार की एक चौंकाने वाली घटना उत्तर प्रदेश के बरेली में सामने आई है। एक सफाईकर्मी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी भानुप्रकाश के मुंह पर चूड़ियां फेंक दीं और कहा, “थोड़ी चूड़ियां पहन लो, एक लहंगा सिलवा लो!”
शोषण का आंकड़ा

आउटसोर्स कंपनी ने इन कर्मचारियों को 13,000 रुपये प्रतिमाह पर हायर किया था, लेकिन खून-पसीना बहाने के बाद उन्हें सिर्फ 7,500 रुपये ही मिल रहे थे। बाकी पैसे कहां जा रहे हैं – यह सवाल सीधे भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।
आम जनता का गुस्सा
घटना के वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
लोगों ने उठाए सवाल:
- अरुण यादव : आउटसोर्सिंग कर्मियों का सबसे ज्यादा शोषण हो रहा ,,पहले नौकरी के नाम पर साल भर का पैसा इन भ्रष्टाचारी कर्मचारियों ने लिया होगा ,,अब वेतन देने के नाम पर कटौती कर रहें होंगे या झूठ बोला होगा नौकरी के नाम पर पैसे लेने के लिए,,, कि अस्पताल है ऊपरी कमाई होती है ।
- सुशील प्रजापति : Corruption की शुरुआत ही सरकारी महकमों से हो रही है। 13000 में से उनके हक के बाबू लोग खा रहे है। आम आदमी अपने बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रहा।
- पीके राणा : Contractual system में सब जगह यही हाल है। जितना सरकार देती है उसका 60% ही लेबर या कर्मचारी को मिलता है।
- कन्हैया अग्रवाल : इन अधिकारियों का हराम का खा खा के पेट फूलता जा रहा है और पचासों बीमारियों ने घेर रखा है फिर भी हराम का खाये जा रहे है।
एक्सपर्ट नजरिया
यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण तो है, लेकिन दुर्लभ बिल्कुल नहीं। आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में यह शोषण आज भारत के लगभग हर राज्य और हर विभाग में कमोबेश देखा जा रहा है कि चाहे वह नगर निगम हों, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा, वन विभाग या पीडब्ल्यूडी।
सरकार जो पैसा आवंटित करती है, उसका बड़ा हिस्सा (अक्सर 40-60%) मध्यस्थ कंपनियों, अधिकारियों और बिचौलियों की जेब में चला जाता है। गरीब मजदूर को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं मिल पाती, जबकि उसकी मेहनत पर पूरा सिस्टम चल रहा होता है।
यह व्यवस्था न सिर्फ शोषण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि गुणवत्ता भी गिरा रही है। सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे बुनियादी सेवाओं में आउटसोर्सिंग का मॉडल अब “सस्ता और बुरा” साबित हो चुका है।
इस खबर से सम्बंधित वीडियो यहां देखें – https://x.com/hindipatrakar/status/2069236596776554860/video/1
वास्तव में चूड़ियां फेंकने वाली यह घटना केवल एक कर्मचारी का गुस्सा नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम के खिलाफ चीख है। जब तक आउटसोर्सिंग में पारदर्शिता, डायरेक्ट पेमेंट और सख्त निगरानी नहीं आएगी, ऐसी घटनाएं जारी रहेंगी।
भ्रष्टाचार और शोषण की यह चेन आम आदमी को तोड़ रही है – और समाज का धैर्य भी।






