5 घंटे की तलाश के बाद शव मिला; बहराइच में हाल ही में बाघ के हमले में किसान की मौत, जंगली जानवरों का बढ़ता खतरा
बहराइच: यूपी के बहराइच जिले के मुरौवा गांव में एक दर्दनाक घटना में 12 वर्षीय बच्चे सुनील को घाघरा नदी किनारे मगरमच्छ ने जिंदा खींच लिया। बच्चे को बचाने के लिए उसके चाचा ने नदी में छलांग लगा दी और लंबे समय तक हाथ पकड़कर खींचते रहे, लेकिन मगरमच्छ बच्चे को गहरे पानी में ले गया। लगभग 5 घंटे की तलाशबीन के बाद बच्चे का शव मिला।
यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को फिर उजागर करती है, खासकर मानसून के मौसम में जब नदियों और नालों में मगरमच्छ सक्रिय हो जाते हैं।
दशरथ की गर्दन को पकड़कर बाघ ने झाड़ियों में खींच लिया :
इससे पहले 11 जुलाई को बहराइच के मूर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के धर्मपुर बेझा गांव में 48 वर्षीय किसान दशरथ यादव मवेशी चराते समय बाघ के हमले का शिकार हो गए। बाघ ने उन्हें गर्दन से पकड़कर झाड़ियों में खींच लिया। 8 घंटे की तलाश के बाद 4 किलोमीटर दूर उनका अधखाया शव मिला।
सीतापुर में बाघ का हमला:
सीतापुर के मधवापुर जंगल से सटे रसुलवा गांव में घास काटने गए ग्रामीण कमलेश कुमार पर बाघ ने हमला कर दिया। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। वन कर्मियों को मौके पर बाघ के पगचिह्न मिले। शव पर पंजे के निशान और एक हिस्से पर मांस गायब होने की पुष्टि हुई। बता दें कि यह घटना फरवरी 2024 की बताई जा रही है, लेकिन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है।
बहराइच में हालिया बाघ हमला:
इसी जिले में 11 जुलाई को मूर्तिहा क्षेत्र के धर्मपुर बेझा गांव में 48 वर्षीय किसान दशरथ यादव मवेशी चराते समय बाघ के हमले में मारे गए। 8 घंटे की तलाश के बाद उनका अधखाया शव 4 किलोमीटर दूर जंगल में मिला। वन विभाग की टीमें दोनों जिलों में सर्च और जागरूकता अभियान चला रही हैं।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से नदियों, जंगलों और घास-फूस वाले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है। पीड़ित परिवारों को मुआवजा और मदद का ऐलान किया गया है। ये घटनाएं मानसून सीजन में वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर आने की समस्या को रेखांकित करती हैं।






