मुंबई: विश्व हेड एंड नेक कैंसर दिवस के मौके पर विशेषज्ञों ने चेतावाया है कि मुंह में 5-10 दिन से ज्यादा रहने वाला अल्सर, सफेद दाग या कोई भी असामान्य लक्षण को कभी नजरअंदाज न करें। समय पर जांच से हेड एंड नेक कैंसर को रोका और ठीक किया जा सकता है।
40% मरीजों में हो सकता है दोबारा कैंसर
एसएसओ हॉस्पिटल के हेड एंड नेक कैंसर सर्जन डॉ. अमित चक्रवर्ती ने बताया कि इलाज करा चुके 100 में से 20 से 40 मरीजों में कैंसर वापस लौट सकता है। उन्होंने कहा, “समय पर पहचान और नियमित फॉलो-अप से दोबारा होने वाले कैंसर का भी सफल इलाज संभव है।”
तंबाकू-गुटखा सबसे बड़ा दुश्मन
डॉ. चक्रवर्ती के अनुसार तंबाकू, गुटखा, सुपारी, शराब और एचपीवी संक्रमण हेड एंड नेक कैंसर के प्रमुख कारण हैं। भारत में इन कैंसरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, इसलिए जागरूकता और बचाव बेहद जरूरी है।
मरीजों की सच्ची कहानियां
- 43 वर्षीय मिहिर जोबनपुत्रा और
- 70 वर्षीय दिनकर आढाव
दोनों ने समय पर जांच और सही इलाज की बदौलत कैंसर को हराया। उन्होंने लोगों से अपील की कि मुंह के किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और तंबाकू-धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें।
अस्पताल की बड़ी पहल
एसएसओ हॉस्पिटल जल्द ही हेड एंड नेक कैंसर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू करने जा रहा है, जहां जांच, सर्जरी, रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी, पुनर्वास और फॉलो-अप की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
डॉक्टरों की सलाह: अगर मुंह का अल्सर 10 दिन से ज्यादा ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जल्दी पता चलने से इलाज आसान और सफलता की दर बहुत ज्यादा होती है।







